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एलन मस्क ने कोर्ट में ओपनएआई और सैम अल्टमैन पर गैर-लाभकारी संस्थाओं के साथ विश्वासघात करने का लगाया आरोप

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने ओपनएआई के खिलाफ चल रहे एक बड़े केस में अदालत में गवाही दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अपने शुरुआती गैर-लाभकारी उद्देश्य को छोड़कर मुनाफे पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।
 
एलन मस्क ने कोर्ट में ओपनएआई और सैम अल्टमैन पर गैर-लाभकारी संस्थाओं के साथ विश्वासघात करने का लगाया आरोप

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने ओपनएआई के खिलाफ चल रहे एक बड़े केस में अदालत में गवाही दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अपने शुरुआती गैर-लाभकारी उद्देश्य को छोड़कर मुनाफे पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला अमेरिका के ओकलैंड की एक अदालत में चल रहा है, जिसमें मस्क का कहना है कि ओपनएआई ने इंसानों के भले के लिए सुरक्षित एआई बनाने के अपने मूल उद्देश्य से हटकर अब एक मुनाफा कमाने वाली कंपनी का रूप ले लिया है।

अपनी गवाही में मस्क ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में ओपनएआई को इस सोच के साथ समर्थन दिया था कि यह एक गैर-लाभकारी संस्था की तरह काम करेगी और एआई के विकास में पारदर्शिता और सुरक्षा को प्राथमिकता देगी।

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति मस्क ने कहा कि अगर अदालत ऐसा फैसला देती है जिससे किसी चैरिटी संस्था के संसाधनों का गलत इस्तेमाल सही माना जाए, तो इससे अमेरिका में परोपकार की भावना को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी रुचि ओपनएआई में इसलिए बनी क्योंकि उन्हें लगता था कि गूगल एआई सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है।

उन्होंने चिंता जताई कि अगर फैसला ओपनएआई के पक्ष में आता है, तो इससे भविष्य में चैरिटी संगठनों के सिद्धांत कमजोर हो सकते हैं।

मस्क ने अदालत को यह भी बताया कि कंपनी के शुरुआती विकास में उनका बड़ा योगदान था, जिसमें टैलेंट को जोड़ना और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स से संपर्क बनाना शामिल है।

वहीं, ओपनएआई ने अपने पक्ष में कहा है कि कंपनी की संरचना में बदलाव और बाहरी निवेश लेना जरूरी था, क्योंकि उन्नत एआई रिसर्च में बहुत ज्यादा खर्च आता है। कंपनी का कहना है कि उसका गैर-लाभकारी हिस्सा अभी भी नियंत्रण में है।

यह विवाद मस्क और ओपनएआई के बीच बढ़ती दूरी को दिखाता है, जिसे उन्होंने 2015 में मिलकर शुरू किया था।

मस्क 2018 में कंपनी से अलग हो गए थे, जिसके बाद ओपनएआई ने एक कमर्शियल यूनिट बनाई और माइक्रोसॉफ्ट समेत कई निवेशकों से फंडिंग हासिल की।

इसके बाद ओपनएआई वैश्विक एआई क्षेत्र में एक बड़ी कंपनी बन गई है, खासकर अपने चैटबॉट चैटजीपीटी की सफलता के कारण।

बाद में मस्क ने अपनी एआई कंपनी एक्सएआई शुरू की और ओपनएआई में बदलाव के लिए कानूनी कदम उठाए। हालांकि उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें कोई आर्थिक मुआवजा मिलता है, तो वह व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं होगा।

अदालत का फैसला आने वाले हफ्तों में आने की उम्मीद है, जिसका असर एआई कंपनियों के काम करने के तरीके और फंडिंग मॉडल पर पड़ सकता है।

--आईएएनएस

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