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टीवीके सरकार के कृषि बजट में मुख्य वादे पूरे नहीं हुए हैं : पलानीस्वामी

चेन्नई, 6 अगस्त (आईएएनएस)। एआईएडीएमके के जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने गुरुवार को तमिलागा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार के पहले कृषि बजट की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों से पहले किसानों से किए गए कई वादों को इस वित्तीय विवरण में शामिल नहीं किया गया है।
 

चेन्नई, 6 अगस्त (आईएएनएस)। एआईएडीएमके के जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने गुरुवार को तमिलागा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार के पहले कृषि बजट की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों से पहले किसानों से किए गए कई वादों को इस वित्तीय विवरण में शामिल नहीं किया गया है।

तमिलनाडु विधानसभा में कृषि और किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद द्वारा पेश किए गए 2026-27 के कृषि बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि किसानों को अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने के लिए ठोस उपायों की उम्मीद थी, लेकिन बजट उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके ने चुनाव प्रचार के दौरान किसान समुदाय से कई वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें पूरा करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।

एआईएडीएमके नेता ने जिन मुद्दों को उठाया, उनमें से एक कृषि उत्पादों के लिए ज्यादा खरीद मूल्य की मांग थी।उन्होंने कहा कि किसान सरकार से ऐसे उपायों की घोषणा की उम्मीद कर रहे थे, जिनसे धान, गन्ना और अन्य फसलों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित हो सकें।

पलानीस्वामी ने कृषि ऋणों के मामले में सरकार के रवैये की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उम्मीदें ज्यादा थीं कि नई सरकार कर्ज से जूझ रहे किसानों के लिए राहत की घोषणा करेगी, जिसमें पात्र फसल ऋणों की माफी भी शामिल होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें खेती की बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और मौसम की वजह से पैदा हुई अनिश्चितता शामिल हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि सरकार को किसानों पर बोझ कम करने के लिए ज्यादा मजबूत वित्तीय सहायता और उपाय शुरू करने चाहिए थे। पलानीस्वामी ने कहा कि केवल योजनाओं की घोषणा करना पर्याप्त नहीं होगा और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लाभ बिना किसी देरी के किसानों तक पहुंचे।

उन्होंने पूरे राज्य में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने और कृषि से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रभावी उपाय भी किए।

हालांकि टीवीके सरकार ने तमिलनाडु की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपना पहला कृषि बजट एक रोडमैप के तौर पर पेश किया है।

बजट में मिट्टी के संरक्षण, दालों और तिलहन, मोटे अनाज की खेती, बीज उत्पादन और टेक्नोलॉजी पर आधारित कृषि सेवाओं से जुड़ी पहलें शामिल हैं। सरकार ने किसानों को पर्सनलाइज़्ड सेवाएं और जानकारी देने के लिए एआई-आधारित एप्लीकेशन की भी घोषणा की है।

पलानीस्वामी ने कहा कि कृषि बजट कितना असरदार रहा इसका फैसला आखिरकार इसके लागू होने और इस बात से होगा कि सरकार ने तमिलनाडु के किसान समुदाय से किए गए वादों को किस हद तक पूरा किया।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी