तमिलनाडु: 400 करोड़ के पोंजी घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 8 ठिकानों पर छापे
चेन्नई, 17 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करीब 400 करोड़ रुपये के कथित पोंजी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तमिलनाडु के चेन्नई, इरोड, कोयंबटूर और कृष्णागिरि जिलों में आठ कारोबारी और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की है। इस दौरान दो लग्जरी कारों सहित कई डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
ईडी के चेन्नई जोनल कार्यालय ने मंगलवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17(1) के तहत यह कार्रवाई की। यह जांच तमिलनाडु और कर्नाटक पुलिस द्वारा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई है।
ईडी की जांच में सामने आया है कि इस कथित पोंजी योजना का मास्टरमाइंड एस. नवीन कुमार था, जिसने अपने सहयोगियों जीवलता, के. प्रभु, के. मथन कुमार, मुथुसेल्वम, जे. फ्रैंकलिन और अन्य लोगों के साथ मिलकर इस नेटवर्क को संचालित किया।
आरोप है कि गिरोह ने प्याज, आलू और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात कारोबार में निवेश के नाम पर लोगों को अत्यधिक मुनाफे का लालच दिया। निवेशकों को कम समय में 200 प्रतिशत से अधिक रिटर्न का वादा किया गया और साथ ही रिश्तेदारों व दोस्तों को जोड़ने पर आकर्षक रेफरल कमीशन देने का भी प्रलोभन दिया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, निवेशकों से धन जुटाने और उसे विभिन्न बैंक खातों के जरिए इधर-उधर करने के लिए एम/एस यूनिक एक्सपोर्ट्स, ईस्ट वैली एग्रो फार्म्स, यूनिक रबर इंडस्ट्रीज, यूनिक इंटरनेशनल ग्रुप, सारा एक्सपोर्ट्स, इंडो रशियन रेयर अर्थ मेटल्स और इंडो रशियन बिजनेस एसोसिएट्स समेत कई कंपनियां बनाई गई थीं।
ईडी का कहना है कि अब तक की जांच में लगभग 400 करोड़ रुपये जनता से धोखाधड़ी कर जुटाए जाने के संकेत मिले हैं। इस रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर रियल एस्टेट में निवेश, फिक्स्ड डिपॉजिट, विदेशी लेन-देन और सहयोगियों व संबंधित कंपनियों को धन हस्तांतरित करने में किया गया।
छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए। इसके अलावा कथित पोंजी योजना और अचल संपत्तियों में निवेश से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। कार्रवाई के दौरान दो लग्जरी वाहन भी जब्त किए गए।
ईडी ने कहा है कि मामले की आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
डीएससी
