विदेश मंत्री जयशंकर ने दिल्ली में यूरोपीय, सिंगापुर और कुवैत के नेताओं से की अहम बातचीत
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को दिल्ली में यूरोपीय पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष और यूरोपीय संसद के सदस्य मैनफ्रेड वेबर से मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह से भी बात की।
मैनफ्रेड वेबर के साथ बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) संबंधों में बनी सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को जल्द मंजूरी देने की जरूरत पर सहमति जताई।
एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, “यूरोपीय पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष और यूरोपीय संसद के सदस्य मैनफ्रेड वेबर से सोमवार को दिल्ली में मिलकर खुशी हुई। हमने अपने संबंधों में सकारात्मक गति को जारी रखने और भारत-ईयू एफटीए की जल्द मंजूरी की जरूरत पर सहमति जताई।”
एस. जयशंकर ने आगे कहा, ''सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से बात करके हमेशा अच्छा लगता है। हमारी चर्चा पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसके प्रभावों पर केंद्रित थी।''
विदेश मंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ''कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह के साथ एक अच्छी बातचीत हुई। इसमें क्षेत्रीय स्थिति और भारतीय समुदाय के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया गया।''
इस साल की शुरुआत में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार वार्ताएं एक बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर खत्म हुई। ये बातचीत 27 जनवरी को नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान पूरी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और अन्य नेताओं ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि और 'सबसे बड़ा समझौता' बताया था।
पिछले महीने भी विदेश मंत्री जयशंकर ने यूरोपीय संसद के सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी, जिसका नेतृत्व एंजेलिका नीब्लर कर रही थीं। उस दौरान उन्होंने भारत-ईयू संबंधों में नए अध्याय और दोनों पक्षों के बीच बढ़ती समान सोच पर चर्चा की थी।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, “यूरोपीय संसद के सदस्यों, जिनका नेतृत्व एंजेलिका नीब्लर कर रही थीं, से दिल्ली में मिलकर खुशी हुई। हमने भारत-ईयू संबंधों में नए अध्याय और हमारे बीच बढ़ती समान सोच पर चर्चा की। जैसे-जैसे सहयोग का दायरा बढ़ेगा, आपसी भरोसा भी बढ़ेगा। मुझे भरोसा है कि यूरोपीय संसद इस नए दौर में मजबूत समर्थन देगी।”
--आईएएनएस
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