सूखे की आशंका: कर्नाटक सरकार पेयजल आपूर्ति के लिए प्रत्येक जिले को 5 करोड़ रुपए देगी
बेलगावी, 1 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं होती है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। सरकार ने पहले ही कार्य योजना तैयार कर ली है, जिसे संबंधित उपायुक्तों द्वारा लागू किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक जिले के लिए 5 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
बेलगावी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार बेलगावी क्षेत्र में, विशेष रूप से इस वर्ष कम बारिश के कारण उत्पन्न समस्याओं की समीक्षा करेगी और पेयजल की कमी और फसल नुकसान के प्रभाव को दूर करने के लिए उचित उपाय करेगी।
परमेश्वर ने कहा कि इसलिए, हम एहतियाती उपायों पर चर्चा करेंगे और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे।
सूखे की घोषणा से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर देते हुए परमेश्वर ने कहा कि किसी तालुका या जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए स्थापित मानदंड हैं।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय वर्षा की कमी, फसल के नुकसान और पानी की उपलब्धता जैसे कारकों पर आधारित है। अभी तक सूखा घोषित करने पर कोई चर्चा नहीं हुई है। हम फिलहाल क्लाउड सीडिंग पर भी विचार नहीं कर रहे हैं। स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि जब भी ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, राज्य सरकार इसे केंद्र के संज्ञान में लाती है।
उपमुख्यमंत्री ने केंद्र के असहयोग पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि हम इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते। हालांकि, केंद्र ने हमारी रिपोर्ट में मांगी गई राहत का 10 प्रतिशत भी जारी नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि बेलगावी जिले में सूखे जैसी स्थिति बन रही है, जिससे पेयजल की कमी की संभावना बढ़ रही है। जून में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जिसके परिणामस्वरूप भूजल स्तर में गिरावट आई है।
राजस्व विभाग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पौठी खाता, स्वामित्व विलेखों का वितरण, आकार बंध और राजस्व गांवों की घोषणा जैसी पहलें पिछले तीन वर्षों से सफलतापूर्वक चल रही हैं। सरकार ने अब इन कार्यों में तेजी लाने और इन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्णय लिया है।
धार्मिक बंदोबस्ती विभाग के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि श्रेणी ए, बी और सी के मंदिरों की संपत्तियों पर अतिक्रमण पाए गए हैं। जिला अधिकारियों को सर्वेक्षण करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हमने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं को दर्शन, प्रसाद ग्रहण करने या मंदिरों में आवास प्राप्त करने में कोई असुविधा न हो। मंदिरों को प्राप्त धन का उपयोग सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही किया जाना चाहिए। हम किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक व्यय की अनुमति नहीं देंगे। सख्त कार्रवाई की जाएगी और मानक संचालन प्रक्रियाएं और नियम बनाए जाएंगे।
खेल के विषय में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र को अधिक प्राथमिकता देगी। खेल सुविधाओं की कमी वाले जिला स्तरीय विद्यालयों और कॉलेजों को खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी।
--आईएएनएस
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