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तेलंगाना में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू, घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

हैदराबाद, 25 जून (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को पूरे तेलंगाना में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के तहत घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का काम शुरू किया।
 

हैदराबाद, 25 जून (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को पूरे तेलंगाना में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के तहत घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का काम शुरू किया।

बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) गुरुवार से शुरू करके एक हफ्ते तक जानकारी जुटाने वाले फॉर्म बांटेंगे। वे फॉर्म बांटने के लिए घर-घर जाएंगे। अगर कोई घर बंद मिलता है तो फॉर्म दरवाजे पर रख दिया जाएगा। ठीक से भरे हुए फॉर्म इकट्ठा करने का काम एक हफ्ते बाद शुरू होगा।

बीएलओ पहले से छपे हुए फॉर्म बांटेंगे, जिनमें एक ओरिजिनल और एक डुप्लिकेट कॉपी होगी। मतदाताओं को निर्देश दिया गया है कि वे ओरिजिनल फॉर्म में जानकारी भरें और अगली बार बीएलओ के आने पर उन्हें लौटा दें। जब बीएलओ फॉर्म इकट्ठा कर लेंगे तो वे एक पर्ची (पावती) देंगे। फॉर्म की दूसरी कॉपी मतदाता अपने पास रखेंगे।

अगर मतदाता घर पर नहीं मिलते हैं तो फॉर्म परिवार के किसी वयस्क सदस्य को दे दिया जाएगा।

हर बीएलओ को लगभग 800 से 1,000 मतदाता सौंपे गए हैं और वे कई बार घरों का दौरा करेंगे। फॉर्म में हर वोटर की जानकारी, पता और फोटो होगी।

अगर मतदाताओं को फॉर्म नहीं मिला है तो वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी- तेलंगाना की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नंबर का इस्तेमाल करके फोन पर बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं या 'बुक-ए-कॉल विद बीएलओ' सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। मतदाताओं को वेबसाइट और ईसीआईएनईटी ऐप देखने का निर्देश दिया गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) सी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि वोटर ईसीआई ऐप या वेबसाइट पर डिजिटल रूप से भी अपने फॉर्म जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन जमा किए गए फॉर्म सीधे संबंधित पोलिंग स्टेशन या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को मिलते हैं।

चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की इस प्रक्रिया के दौरान कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। यह प्रक्रिया 27 जुलाई तक चलेगी।

पूरे राज्य में जानकारी जुटाने के काम के लिए लगभग 36,000 बीएलओ तैनात किए गए हैं। 3,500 से ज्यादा सुपरवाइजर बीएलओ के काम की देखरेख करेंगे, जबकि 1,000 से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारी उनके ऊपर इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट 31 जुलाई को जारी किया जाएगा। वोटर 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।

ईआरओ (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) 31 जुलाई से 28 सितंबर के बीच एक साथ कई काम करेंगे, जैसे नोटिस जारी करना, सुनवाई और वेरिफिकेशन, एन्यूमरेशन फॉर्म पर फैसला लेना और दावों व आपत्तियों का निपटारा करना। वोटर लिस्ट का फाइनल प्रकाशन 1 अक्टूबर को होगा।

राज्य में 3.38 करोड़ से ज्यादा वोटर हैं, जिनमें से 20 जून तक 2.38 करोड़ की मैपिंग हो चुकी थी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, लगभग 90 लाख वोटरों के डेटा में गड़बड़ियां पाई गई थीं।

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी