गुजरात: सीएम भूपेंद्र पटेल की युवाओं से अपील, 'दूसरों से अपनी तुलना न करें'
भावनगर, 25 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को युवाओं से कौशल विकसित करने, व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने और सरकार के 'विकसित भारत 2047' के विजन में योगदान देने का आग्रह किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास का विस्तार केवल बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि गांवों और समाज के हर वर्ग तक होना चाहिए।
महाराजा कृष्णकुमारसिंहजी भावनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि कौशल विकास, सकारात्मक सोच, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास के माध्यम से युवा राष्ट्र निर्माण और बेहतर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 साल के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत इस संवाद का आयोजन किया गया। छात्रों ने रोजगार, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, खेल, महिला सशक्तिकरण, साइबर अपराध, नशामुक्ति, अवसंरचना और 'विकसित भारत-2047' से संबंधित प्रश्न पूछे।
उन्होंने कहा, "विकसित भारत केवल बड़े शहरों के विकास से ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करके प्राप्त किया जा सकता है कि विकास के अवसर और सरकारी योजनाओं का लाभ गांवों और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।"
उन्होंने युवाओं से न केवल स्वयं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, बल्कि जरूरतमंद लोगों और मित्रों को भी इन योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करने का आग्रह किया।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (एसआईआर) में उभरते रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से आगामी उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी कौशल हासिल करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, "सरकार कंपनियों के साथ मिलकर कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए काम कर रही है, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में।"
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के विषय में मुख्यमंत्री ने युवाओं को दूसरों से तुलना न करने की सलाह दी और कहा कि उन्हें अपनी क्षमताओं के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने स्वस्थ मन और शरीर को बनाए रखने के लिए योग और सकारात्मक सोच पर जोर देते हुए कहा, "यदि सफलता न मिले, तो फिर से प्रयास करना चाहिए।"
कृषि से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर देते हुए सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि आधुनिक कृषि पद्धतियां, उपयुक्त बीज, प्रौद्योगिकी और उपकरण युवाओं को अपने खेतों को बेहतर बनाने और अपने गांवों में कृषि विकास में योगदान देने में मदद कर सकते हैं।
उन्होंने छात्रों को कक्षा में सीखी गई शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसके तहत वे मॉडल फार्मों का दौरा कर कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन की खोज कर सकते हैं।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में छात्रों में जागरूकता पैदा करने के लिए सरकार की पहलों पर प्रकाश डाला। खेलों पर उन्होंने कहा, "गुजरात भर में खेल अवसंरचना का विकास किया जा रहा है, और भावनगर में हॉकी और अन्य खेल सुविधाओं के विकास के लिए परियोजनाओं को सरकारी सहायता मिल रही है।"
मुख्यमंत्री ने नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी के महत्व पर जोर दिया और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “अन्य भाषाएं सीखना महत्वपूर्ण है, लेकिन अपनी मातृभाषा बोलने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए।”
सीएम पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि युवा कौशल, सकारात्मक सोच, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
--आईएएनएस
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