तमिलनाडु: कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 31 अक्टूबर को प्रदर्शन करेगी डीएमके महिला विंग
चेन्नई, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। डीएमके की महिला विंग 31 अक्टूबर को राज्यभर में प्रदर्शन करेगी। पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का आरोप लगाते हुए हाल की हत्या और लापता बच्चों के मामलों को लेकर टीवीके सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शन की घोषणा करते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों में कानून का डर पैदा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि अपराधी पहले से अधिक बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और मुख्यमंत्री विजय की चुप्पी पर सवाल उठाया।
स्टालिन के अनुसार, हाल की घटनाओं ने पूरे राज्य में लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। डीएमके अध्यक्ष ने सेलम, मदुरै और जिंजी की तीन घटनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सेलम में एक व्यक्ति की सार्वजनिक स्थान पर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। मदुरै में एक लापता लड़का बाद में मृत पाया गया, जबकि जिंजी की एक लापता लड़की का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
स्टालिन ने इन घटनाओं को चिंताजनक स्थिति का संकेत बताते हुए आरोप लगाया कि तमिलनाडु में अपराध वीडियो गेम और डरावनी फिल्मों में दिखाए जाने वाले दृश्यों से भी अधिक भयावह होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीवीके सरकार के दौरान अपराधियों के हौसले बढ़े हैं।
उन्होंने कहा, "टीवीके शासन में अपराधी ऐसे अपराध कर रहे हैं, मानो उन्हें खुली छूट दे दी गई हो।"
स्टालिन ने आगे आरोप लगाया कि तमिलनाडु में अब रोजाना हत्याओं की गिनती की जा रही है और ऐसी घटनाओं से पैदा हुई चिंताओं के लिए सरकार जिम्मेदार है।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने पूछा कि कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दे पर विजय चुप क्यों हैं, मानो इसका उनसे कोई संबंध ही न हो। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो मुख्यमंत्री पहले कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जोरदार तरीके से बोलते थे, वे इन घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं?
स्टालिन ने कहा कि 31 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शनों के जरिए मौजूदा स्थिति की निंदा की जाएगी।
डीएमके ने इस विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारी अपनी महिला विंग को सौंपी है, जो राज्यभर में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने सेलम की हत्या, मदुरै में लापता लड़के की मौत और जिंजी की लापता लड़की के अब तक नहीं मिलने के मामले को अपने आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है।
स्टालिन ने अपने बयान में इन घटनाओं और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री की कथित चुप्पी पर जवाब मांगा है।
--आईएएनएस
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