डीएमके ने सीएम विजय के परिसीमन प्रस्ताव का किया समर्थन, उदयनिधि ने कहा-संसदीय सीटें कम नहीं होनी चाहिए
चेन्नई, 12 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा में परिसीमन के मुद्दे पर सियासी एकजुटता देखने को मिली। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने बुधवार को टीवीके सरकार के परिसीमन प्रस्ताव का डीएमके की ओर से समर्थन करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भविष्य के किसी भी परिसीमन में तमिलनाडु की लोकसभा में हिस्सेदारी कम नहीं होनी चाहिए।
तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने कहा, "डीएमके ने लगातार उस किसी भी परिसीमन प्रक्रिया का विरोध किया है जिससे राज्य को नुकसान हो सकता है।"
उन्होंने कहा कि डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन उन पहले नेताओं में थे जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर जनसंख्या आधारित परिसीमन के संभावित परिणामों के बारे में चेतावनी दी थी। उदयनिधि स्टालिन ने याद दिलाया कि पिछली डीएमके सरकार ने इस मुद्दे पर राजनीतिक सहमति बनाने के लिए कई कदम उठाए थे।
उन्होंने कहा, "फरवरी 2024 में स्टालिन के नेतृत्व में विधानसभा ने परिसीमन पर एक प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद 5 मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसमें टीवीके समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।"
स्टालिन ने सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं को पत्र भी लिखा था, जिसमें परिसीमन के संभावित असर के बारे में बताया गया था। बाद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए चेन्नई में विभिन्न राज्यों के राजनीतिक नेताओं की संयुक्त कार्रवाई समिति की बैठक भी हुई।
विपक्ष के नेता ने चिंता जताई कि परिसीमन के प्रावधानों को फिर से लागू किया जा सकता है, जिससे 2027 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर संसदीय सीटों का पुनर्वितरण हो सकता है।
उन्होंने मांग की कि परिसीमन से जुड़ी मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था को अगले 25 साल के लिए बढ़ाया जाए, ताकि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में सफलता हासिल की है, उन्हें संसद में कम प्रतिनिधित्व देकर सजा न दी जाए।
उदयनिधि स्टालिन ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए डीएमके के समर्थन को भी दोहराया।
हालांकि उन्होंने कहा, "अगर महिला आरक्षण को लागू करना परिसीमन से जोड़ा जाता है, तो यह प्रक्रिया 1971 की जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर होनी चाहिए।"
उन्होंने साफ कहा कि परिसीमन के कारण तमिलनाडु की संसदीय प्रतिनिधित्व में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि डीएमके विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार द्वारा लाए गए प्रस्ताव का स्वागत करती है और पूर्ण समर्थन देती है। इससे विधानसभा में तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व की रक्षा करने और साथ ही महिलाओं के लिए आरक्षण को आगे बढ़ाने पर व्यापक राजनीतिक सहमति का संकेत मिलता है।
--आईएएनएस
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