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बंगाल की अदालत ने तृणमूल नेता की हत्या के मामले में सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई

कोलकाता, 29 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की एक जिला अदालत ने बुधवार को सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन लोगों को इसी जिले के बांडेल में सात साल पहले एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था।
 

कोलकाता, 29 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की एक जिला अदालत ने बुधवार को सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन लोगों को इसी जिले के बांडेल में सात साल पहले एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था।

हुगली जिले के चिनसुराह में सेशंस कोर्ट के जज ने मंगलवार को इन सात लोगों को तृणमूल कांग्रेस नेता दिलीप राम की हत्या का दोषी ठहराया था। दिलीप राम की हत्या 29 जून, 2019 को इसी जिले में बांडेल रेलवे स्टेशन के पास हुई थी। बुधवार को उसी अदालत के जज ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।

उम्रकैद की सजा पाने वाले सात लोगों में मोहम्मद नसीम उर्फ ​​गुड्डू, सद्दाम हुसैन, मंगल यादव, बैजनाथ रॉय उर्फ ​​हेदेक, मोहम्मद अकबर, मोहम्मद शानू और मोहम्मद मानू शामिल हैं। सभी सात आरोपियों को अब तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इस मामले में सरकारी वकील शंकर गंगोपाध्याय ने बताया कि जांच अधिकारी प्रदीप दा ने 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

गंगोपाध्याय ने आगे कहा कि 39 लोगों के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट में यह साबित हो गया कि बदमाशों ने दिलीप राम की हत्या की साजिश रची थी। मामले में चार चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए और दिलीप के सिर से मिली गोली का मिलान दोषी लोगों से बरामद हथियार से किया गया।

पता चला है कि दिलीप राम की हत्या जमीन से जुड़े उस झगड़े का नतीजा थी जो स्थानीय ड्रग माफिया समुंद्री यादव उर्फ ​​शकुंतला देवी के साथ चल रहा था।

शकुंतला देवी ने दिलीप राम को खत्म करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को काम पर रखा और उन्हें 3 लाख रुपए भी दिए।

ये हत्यारे हर दिन बांडेल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 से नैहाटी लोकल ट्रेन पर नजर रखते थे।

मृतक तृणमूल कांग्रेस नेता नैहाटी में रेलवे ऑफिस में काम करते थे।

29 जून 2019 को, जब दिलीप राम ट्रेन में चढ़ रहे थे, तो रेलवे ट्रैक पर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई।

सात दोषियों को उम्रकैद की सजा मिलने पर मीडिया से बात करते हुए राम की पत्नी नीतू ने कहा कि अगर इन सात दोषियों को मौत की सजा दी जाती तो उन्हें ज्यादा खुशी होती। हालांकि, मुझे इस बात की खुशी है कि पुलिस ने मेरे पति की मौत की जांच किस तरह की और सरकारी वकील ने कोर्ट में केस की पैरवी किस तरह की। इस मामले की मुख्य आरोपी शकुंतला देवी और उनका बेटा अभी भी फरार हैं।

सरकारी वकील ने कहा कि पुलिस ने उन दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जैसे ही उनकी गिरफ्तारी होगी, उनका ट्रायल शुरू हो जाएगा।

--आईएएनएस

एमएस/