जिला कलेक्टरों ने 'पेयजल संवाद' में जेजेएम के अंतर्गत ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं पर चर्चा की
नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। मंगलवार को आयोजित जिला कलेक्टरों के पेयजल संवाद के 12वें संस्करण में देश भर के जिला कलेक्टरों ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के कार्यान्वयन में तेजी लाने पर चर्चा में भाग लिया और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया।
अधिकारी ने आगे बताया कि जल शक्ति मंत्रालय के अधीन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस संवाद का आयोजन किया।
संवाद की अध्यक्षता डीडीडब्ल्यूएस के सचिव अशोक केके मीना ने की।
बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) के अतिरिक्त सचिव और मिशन निदेशक कमल किशोर सोआन और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (एसडब्ल्यूएसएम) और डीडीडब्ल्यूएस के वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
मीना ने जेजेएम 2.0 के तहत योजना की प्रगति, सेवा वितरण, जल गुणवत्ता और स्रोत स्थिरता की समीक्षा करने के लिए नियमित मासिक जिला जल और स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) बैठकों के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निर्धारित परीक्षण अवधि और उचित दस्तावेजीकरण के बाद पूर्ण हो चुकी योजनाओं को जल अर्पण कार्यक्रम के माध्यम से ग्राम पंचायतों को सौंप दिया जाना चाहिए, जिससे सामुदायिक स्वामित्व और सतत संचालन एवं रखरखाव को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने जिलों से आग्रह किया कि वे जल अर्पण समारोहों, दिशा बैठकों और डब्ल्यूएसएम समीक्षाओं के माध्यम से सांसदों, विधायकों और अन्य जन प्रतिनिधियों को सक्रिय रूप से शामिल करें ताकि ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों में पारदर्शिता और जनविश्वास बढ़ाया जा सके।
उन्होंने जेजेएम 2.0 निधियों के समय पर उपयोग, भौतिक और वित्तीय प्रगति की सटीक रिपोर्टिंग और सेवा अंतराल को दूर करने के लिए जिला और राज्य सुधार योजनाओं की तैयारी की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मीना ने वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण जैसे स्रोत स्थिरता उपायों की योजना बनाने के लिए निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) के उपयोग को प्रोत्साहित किया, साथ ही इस बात पर भी बल दिया कि सभी ग्रामीण परिवारों के लिए विश्वसनीय और सतत पेयजल सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए योजना की कार्यप्रणाली, जल गुणवत्ता और स्थिरता संबंधी उपायों की नियमित निगरानी आवश्यक है।
--आईएएनएस
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