आय से अधिक संपत्ति मामले में कर्नाटक लोकायुक्त के बेंगलुरु समेत चार शहरों में छापे
बेंगलुरु, 8 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक लोकायुक्त ने बुधवार सुबह बेंगलुरु, धारवाड़, शिवमोग्गा और रायचूर में सरकारी अधिकारियों से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति (डीए) अर्जित करने के आरोपों की जांच के तहत की गई।
बेंगलुरु दक्षिण जिले में लोकायुक्त अधिकारियों ने कुंबलगोडु के पंचायत विकास अधिकारी से जुड़े आवास, कार्यालय और अन्य संपत्तियों पर तलाशी ली। इस कार्रवाई का नेतृत्व बेंगलुरु दक्षिण जिले की लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक स्नेहा ने किया।
मगड़ी तालुक के बेलागावाड़ी गांव में तीन स्थानों पर तलाशी ली गई। इनमें संबंधित अधिकारी का फार्महाउस, उसके भाई का घर और उसके भतीजे का घर शामिल है।
इसके अलावा, बेंगलुरु में चार अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की गई, जहां अधिकारियों ने दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की जांच की।
एक अन्य कार्रवाई में लोकायुक्त ने शिवमोग्गा के सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) से जुड़ी संपत्तियों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने शिवमोग्गा स्थित उनके कार्यालय और धारवाड़ स्थित उनके आवास की तलाशी ली।
धारवाड़ के डोड्डानायकानाकोप्पा इलाके में स्थित उनके मकान की भी तलाशी ली गई। बताया जा रहा है कि एसीएफ का अलनावर रोड पर एक फार्महाउस और औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री भी है। इन दोनों परिसरों के अलावा उनके जीजा के घर की भी तलाशी ली गई।
इस कार्रवाई का नेतृत्व शिवमोग्गा लोकायुक्त इंस्पेक्टर वीरबसप्पा कुशलापुरा और धारवाड़ लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धलिंगप्पा ने किया। चिन्हित सभी संपत्तियों पर तलाशी जारी है।
इस बीच, रायचूर जिले में लोकायुक्त अधिकारियों ने केबीजेएनएल के कार्यकारी अभियंता (ईई) से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। उनके कार्यालय, देवदुर्गा तालुक के चिक्काहोनाकुनी गांव स्थित आवास और उनके रिश्तेदारों के घरों पर तलाशी ली जा रही है।
तलाशी अभियान जारी है और आगे की जानकारी का इंतज़ार है।
बता दें कि लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार (7 जुलाई) को बेंगलुरु में तीन सरकारी अधिकारियों से जुड़े सात ठिकानों पर तलाशी ली थी। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार के दो मामलों की जांच के सिलसिले में की गई।
कोर्ट के वारंट के आधार पर की गई इन तलाशी कार्रवाइयों में बेंगलुरु के स्पेशल डिप्टी कमिश्नर एम.के. जगदीश, तहसीलदार बी.आर. मंजूनाथ और शिरस्तेदार रजनीकांत के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन अधिकारियों पर सरकारी ड्यूटी के दौरान आपराधिक कदाचार के आरोप लगाए गए थे।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, अधिकारियों ने कथित तौर पर एयरपोर्ट रोड के पास हुनासमरनहल्ली में 13 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि का निजी व्यक्तियों के पक्ष में गलत तरीके से आवंटन किया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज करने से पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत राज्य सरकार से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई थी।
--आईएएनएस
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