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2023 से फरार पंजाब पुलिस के बर्खास्त अधिकारी को पटियाला में किया गया गिरफ्तार

चंडीगढ़, 24 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब पुलिस के बर्खास्त असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल (एआईजी) राजजीत सिंह हुंदल को गुरुवार को पटियाला शहर में गिरफ्तार कर लिया गया। वह अप्रैल 2023 से कथित मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में फरार चल रहे थे।
 

चंडीगढ़, 24 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब पुलिस के बर्खास्त असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल (एआईजी) राजजीत सिंह हुंदल को गुरुवार को पटियाला शहर में गिरफ्तार कर लिया गया। वह अप्रैल 2023 से कथित मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में फरार चल रहे थे।

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने मीडिया को बताया कि तकनीकी और वित्तीय जांच के बाद एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की एक टीम ने पटियाला में राजजीत सिंह हुंदल को गिरफ्तार किया है। पुलिस उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच के लिए उनकी रिमांड की मांग करेगी।

राजजीत सिंह के खिलाफ मामला बर्खास्त पुलिस इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह से जुड़े ड्रग केस और पुलिस-ड्रग तस्करी गठजोड़ के आरोपों से संबंधित है। राजजीत सिंह तरनतारन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के तौर पर तैनात थे और इंदरजीत सिंह जिला पुलिस में काम कर रहे थे। इसके अलावा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक मामला और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़ा विजिलेंस ब्यूरो का एक मामला भी उन पर दर्ज है।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के तहत गठित विशेष जांच टीमों की रिपोर्टों के आधार पर पंजाब सरकार ने उन्हें अप्रैल 2023 में पुलिस सेवा से बर्खास्त किया था। इसके अलावा, मोहाली की अदालत पेश न होने के कारण उन्हें इस मामले में भगोड़ा घोषित कर चुकी थी।

गिरफ्तारी से पहले राजजीत सिंह हुंदल ने सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर करने की पेशकश की। 10 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान राजजीत सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अमित रावल ने अदालत को बताया कि वह सरेंडर करने के लिए तैयार हैं।

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने उन्हें सरेंडर करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर तक स्थगित की। गुरुवार को उन्होंने पटियाला में सरेंडर कर दिया।

राजजीत सिंह ने इस कार्रवाई को चुनौती दी है और जांच किसी दूसरी एजेंसी को सौंपने की मांग की है। उनका तर्क है कि उन्हें पंजाब पुलिस से निष्पक्ष जांच नहीं मिलेगी। उनकी कानूनी चुनौती सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

--आईएएनएस

डीसीएच/