सर्जियो गोर ने ट्रंप से की मुलाकात, कहा- भारत-अमेरिका संबंधों के मजबूत भविष्य पर हुई चर्चा
वाशिंगटन, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वाशिंगटन में मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों देशों के भविष्य के संबंधों और वैश्विक स्थिरता को लेकर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के वैश्विक स्थिरता लाने के अटूट संकल्प की भी सराहना की।
सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एक शानदार डिनर किया। हमने वैश्विक स्थिरता लाने के उनके अटूट संकल्प, उनके राष्ट्रपति कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धियों, भारत-अमेरिका संबंधों के मजबूत भविष्य और भी बहुत कुछ पर चर्चा की। यह एक बेहद यादगार शाम थी, जब इतिहास हमारी आंखों के सामने रचा जा रहा था।"
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब ट्रंप ने ईरान पर होने वाली सैन्य कार्रवाई को दो सप्ताह के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी। वहीं, ईरान ने भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की इच्छा का संकेत दिया, जो तनाव में संभावित कमी का संकेत है।
इसके अलावा, गोर ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक से भी मुलाकात की। इस दौरान भारत-अमेरिका व्यापार और निवेश के रास्ते को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। गोर ने बताया, "सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक के साथ भारत-अमेरिका कमर्शियल रोडमैप पर एक प्रोडक्टिव मीटिंग हुई। हमने भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षमता को अमेरिकी तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ने वाले एक नए एमओयू, आने वाले सिलेक्ट यूएसए समिट में भारत की मजबूत भागीदारी और अमेरिका में भारतीय फार्मा निवेश को बढ़ाने पर चर्चा की ताकि प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिले और सप्लाई चेन मजबूत हों।"
एक अलग बयान में, अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने कहा कि लटनिक और गोर मिलकर भारत-अमेरिका व्यापक व्यापार ढांचे को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। विभाग ने एक्स पर पोस्ट किया कि "हम 1.4 अरब लोगों के बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोलने और 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी निर्यात को सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।"
गोर ने दिन की शुरुआत में ही अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से भी मुलाकात की थी। वहीं, विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी वाशिंगटन पहुंचे ताकि दोनों देशों के संपूर्ण संबंधों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया जा सके।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
