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'दीक्षा' स्कूली शिक्षा के लिए 'एक राष्ट्र, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म' के तौर पर उभरा : केंद्र

नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने रविवार को कहा कि नॉलेज शेयरिंग प्लेटफॉर्म 'दीक्षा' स्कूली शिक्षा के लिए "एक देश, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म" बनकर उभरा है। यह कई भाषाओं में पाठ्यक्रम से जुड़े डिजिटल लर्निंग रिसोर्स उपलब्ध कराता है और पूरे भारत में छात्रों और शिक्षकों के लिए समावेशी और टेक्नोलॉजी आधारित सीखने को बढ़ावा देता है।
 

नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने रविवार को कहा कि नॉलेज शेयरिंग प्लेटफॉर्म 'दीक्षा' स्कूली शिक्षा के लिए "एक देश, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म" बनकर उभरा है। यह कई भाषाओं में पाठ्यक्रम से जुड़े डिजिटल लर्निंग रिसोर्स उपलब्ध कराता है और पूरे भारत में छात्रों और शिक्षकों के लिए समावेशी और टेक्नोलॉजी आधारित सीखने को बढ़ावा देता है।

दीक्षा को 2017 में शुरू किया गया था और इसे नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) द्वारा सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी (सीआईईटी) के सहयोग से चलाया जा रहा है।

सरकार ने इस प्लेटफॉर्म को स्कूली शिक्षा के लिए देश का "वन नेशन, वन डिजिटल प्लेटफॉर्म" बताया है, जिसका मकसद डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई-लिखाई को जारी रखना है।

सरकार के अनुसार, दीक्षा के-12 के लिए व्यापक डिजिटल लर्निंग सपोर्ट देता है, जिसमें बुनियादी साक्षरता और अंक-ज्ञान से लेकर सीनियर सेकेंडरी शिक्षा तक सब कुछ शामिल है।

इस प्लेटफॉर्म को लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा बोर्ड ने अपनाया है और इसे क्षेत्रीय भाषाओं, पाठ्यक्रम और पढ़ाने के तरीकों की जरूरतों के हिसाब से बदला जा सकता है।

सरकार ने कहा कि दीक्षा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के जरिए आसानी से उपलब्ध, दिलचस्प और हर किसी की जरूरत के हिसाब से सीखने के अनुभव को बढ़ावा देता है। यह प्लेटफॉर्म कॉन्सेप्ट की समझ बेहतर बनाने और सीखने के अलग-अलग तरीकों में मदद करने के लिए कई तरह के एजुकेशनल रिसोर्स देता है जिसमें 2डी और 3डी एनिमेशन, ऑगमेंटेड रियलिटी अनुभव, सिमुलेशन, वर्चुअल लैब और साइन लैंग्वेज वीडियो शामिल हैं।

प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध क्यूआर-कोडेड टेक्स्टबुक्स, एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों को वीडियो, इंटरैक्टिव सामग्री और शिक्षक गाइड से जोड़ती हैं, जिससे कक्षा में इनका सहज एकीकरण संभव होता है। दिव्यांग शिक्षार्थियों की सहायता के लिए डिजिटल एक्सेसिबल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (डीएआईएसवाई) प्रारूप, टेक्स्ट-टू-स्पीच कार्यक्षमता और भारतीय सांकेतिक भाषा के वीडियो जैसी समावेशी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।

यह प्लेटफॉर्म अभ्यास प्रश्नों, अनुकूली मूल्यांकन, योग्यता-आधारित प्रश्न बैंकों और विस्तृत समाधानों के माध्यम से व्यक्तिगत शिक्षण को बढ़ावा देता है, जो सीखने की कमियों की पहचान करने और समय पर हस्तक्षेप करने में सहायक होते हैं। यह एनआईएसएचटीएचए और राज्य-विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षक व्यावसायिक विकास के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में भी कार्य करता है, और शिक्षकों के लिए स्व-गति से प्रमाणित पाठ्यक्रम प्रदान करता है।

सरकार ने कहा कि दीक्षा एक संघबद्ध संरचना पर काम करता है जो भाग लेने वाले संस्थानों और राज्यों को क्षेत्रीय भाषाओं में शैक्षिक सामग्री को स्वतंत्र रूप से अपलोड और प्रबंधित करने की अनुमति देता है। यह विकेंद्रीकृत मॉडल निर्धारित दिशानिर्देशों के आधार पर सीआईईटी-एनसीईआरटी द्वारा आवधिक सत्यापन के माध्यम से गुणवत्ता मानकों को बनाए रखते हुए सामग्री के स्थानीयकरण को सक्षम बनाता है।

यह प्लेटफॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के शिक्षण को समर्थन देता है। छात्र इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना भी बाद में उपयोग के लिए सामग्री डाउनलोड कर सकते हैं, जबकि कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट क्लासरूम बोर्ड पर शैक्षिक सामग्री पहले से लोड कर देते हैं।

--आईएएनएस

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