मध्य प्रदेश में पोषण 2.0 के तहत डिजिटल पहल से न्यूट्रिशन में हुई प्रगति: सरकार
भोपाल, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में डिजिटल पहलों को मजबूत करने से पिछले एक वर्ष में मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत न्यूट्रिशन एंड हेल्थ क्षेत्र में हुई प्रगति में तेजी आई है।
सरकार ने कहा कि न्यूट्रिशन ट्रैकर के उपयोग से निगरानी और सेवा वितरण में क्रांतिकारी बदलाव आया है, जिससे लाभार्थियों की वास्तविक समय में ट्रैकिंग संभव हो पाई है, साथ ही योजना में सुधार हुआ है। परिणामस्वरूप, मार्च 2025 की तुलना में प्रमुख संकेतकों में सुधार देखा गया है।
डिजिटल बदलाव पर प्रकाश डालते हुए सरकार ने कहा कि स्वास्थ्य पहचान पत्र कवरेज में तेजी से वृद्धि हुई है।
सरकार ने कहा कि आभा आईडी कवरेज 7.21 प्रतिशत से बढ़कर 80.87 प्रतिशत हो गया है।
सरकार ने यह भी बताया कि राज्य में छात्रों को आवंटित 12 अंकों के डिजिटल पहचानकर्ता, ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (आपार आईडी) का उपयोग बच्चों में 32.12 प्रतिशत से बढ़कर 92.60 प्रतिशत हो गया है।
सरकार ने कहा कि यह न्यूट्रिशन एंड हेल्थ के क्षेत्र में एक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार ने कहा कि इस पहल का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सेवाएं देने का प्रतिशत 91.65 प्रतिशत से बढ़कर 98.44 प्रतिशत हो गया है, जो बेहतर पहुंच और सेवा वितरण को दर्शाता है। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवसों का आयोजन भी 73.43 प्रतिशत से बढ़कर 93.33 प्रतिशत हो गया है, जिससे सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित हुई है।
सरकार ने कहा कि डिजिटल सत्यापन से पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
आधार आधारित चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) का दायरा 31.93 प्रतिशत से बढ़कर 95 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जिससे लाभार्थियों की सटीक पहचान सुनिश्चित हुई है और राशन एवं पोषण सहायता वितरण में होने वाली गड़बड़ियों में कमी आई है।
इस अवधि के दौरान सामुदायिक भागीदारी में भी सुधार हुआ है।
सरकार ने कहा कि सामुदायिक स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिशत 88 प्रतिशत से बढ़कर 96.97 प्रतिशत हो गया है।
सरकार ने जमीनी स्तर पर डिजिटल परिवर्तन में सहयोग देने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना की और कहा कि उनके प्रयासों से योजनाओं का बेहतर कार्यान्वयन संभव हुआ है।
सरकार ने कहा कि प्रौद्योगिकी और जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों के संयोजन से बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं।
--आईएएनएस
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