दिल्ली-टोक्यो के बीच उड़ानों में हुई सुरक्षा नियमों की अनदेखी, डीजीसीए ने पायलटों को भेजा नोटिस
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के विमानन नियामक ने सुरक्षा और नियमों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी होने के बावजूद दिल्ली और टोक्यो के बीच कई उड़ानें संचालित करने के लिए एयर इंडिया के कॉकपिट क्रू (पायलटों) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियामक ने दो हफ्तों के अंदर उनसे जवाब मांगा है।
यह नोटिस नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से जारी किया गया है और यह दिल्ली से टोक्यो जाने वाली फ्लाइट एआई-357 और टोक्यो से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट एआई-358 के संचालन से संबंधित है।
डीजीसीए के नोटिस के अनुसार, विमान के लिए लागू मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट (एमईएल) सही नहीं पाई गई यानी जरूरी तकनीकी मानकों में कमी थी।
एयर इंडिया की ओर से इस नोटिस पर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यह कोई एक बार की घटना नहीं है, बल्कि पहले भी अन्य उड़ानों में ऐसी समस्याएं पाई गई हैं।
डीजीसीए ने पायलटों से यह भी पूछा है कि एयरक्राफ्ट नियमों और नागरिक विमानन आवश्यकताओं (सीएआर) के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए?
विमानन नियामक ने यह नोटिस इसलिए भी जारी किया, क्योंकि एयर इंडिया ने बार-बार तकनीकी खराबियों के बावजूद बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान का संचालन किया।
पिछले महीने, दिल्ली से मुंबई जा रही एयर इंडिया की उड़ान में टेक ऑफ के बाद इंजन बंद होने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद डीजीसीए ने कहा था कि वह इस मामले की जांच करेगा। यह बी777-300ईआर विमान तकनीकी समस्या के कारण उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही दिल्ली वापस लौट आया था और सुरक्षित रूप से उतर गया।
डीजीसीए ने बताया कि टेकऑफ के बाद जब फ्लैप बंद किए जा रहे थे, तब पायलटों ने दूसरे इंजन (दाएं इंजन) में इंजन ऑयल प्रेशर कम पाया।
टेक ऑफ के थोड़ी देर बाद इंजन का ऑयल प्रेशर शून्य हो गया, जिसके बाद नियमों के अनुसार पायलटों ने उस इंजन को बंद किया और विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतार लिया गया।डीजीसीए ने कहा कि इस मामले में जांच और सुधार का काम जारी है।
नियामक ने यह भी बताया कि इस घटना की जांच एयरलाइन की स्थायी जांच समिति द्वारा की जाएगी, जो डीजीसीए के डायरेक्टर एयर सेफ्टी (एनआर) की निगरानी में काम करेगी।
--आईएएनएस
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