80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट, हर जगह सुरक्षा चौकियां और सख्त तलाशी
श्रीनगर, 14 अगस्त (आईएएनएस)। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले शुक्रवार को पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर रही। जम्मू और श्रीनगर शहरों में प्रवेश करने वाले अलग-अलग रास्तों पर सुरक्षा चौकियां और बैरिकेड्स लगाए गए और लोगों की तलाशी ली गई।
श्रीनगर, जम्मू और केंद्र शासित प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों में सुरक्षा बलों की उपस्थिति के बीच, कार्यालय जाने वाले, ट्रांसपोर्टर, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और व्यवसाय सामान्य रूप से काम करते रहे।
शुक्रवार को पूरे केंद्रशासित प्रदेश में जनजीवन पूरी तरह से तनाव मुक्त रहा और विभिन्न चौकियों पर तैनात पुलिस-सीआरपीएफ जवानों ने विनम्रता और सौहार्दपूर्ण तरीके से कर्तव्यों का पालन किया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्थिति की निगरानी की और श्रीनगर और जम्मू शहरों में विभिन्न स्थानों पर जांच भी की। इस बार किसी भी अलगाववादी समूह ने 15 अगस्त को कोई विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया है। ऐसे समूह 1990 में अलगाववादी हिंसा शुरू होने के बाद ध्यान आकर्षित करने के लिए 26 जनवरी और 15 अगस्त को 'सिविल कर्फ्यू' और 'ब्लैक आउट' का आह्वान करते थे।
5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने के बाद से जनता के मूड और व्यवहार में उल्लेखनीय बदलाव आया है। बड़ी संख्या में नागरिक अब इन दिनों राष्ट्रीय समारोहों में शामिल होते हैं और सभी जिला मुख्यालयों पर प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गहरी रुचि लेते हैं।
स्थानीय लोगों द्वारा 'हर घर तिरंगा' अभियान को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया ने साबित कर दिया है कि घाटी में देशभक्ति प्रदर्शित करने के लिए अब कोई भी राष्ट्रीय ध्वज थामने और ले जाने से नहीं डरता।
मौजूदा स्थिति को देखकर कहा जा सकता है कि औसत कश्मीरी के लिए आतंकवाद एक बुरा सपना था, जो आखिरकार खत्म हो गया है।
--आईएएनएस
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