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चुनौतियों के बावजूद मणिपुर में शांति लौट रही है: सीएम खेमचंद सिंह

इंफाल, 3 अगस्त (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सोमवार को कहा कि भले ही राज्य कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन सरकार लोगों के सक्रिय सहयोग से स्थायी शांति बहाल करने की ईमानदार कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सुधार के अच्छे संकेत भी दिखने लगे हैं।
 

इंफाल, 3 अगस्त (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सोमवार को कहा कि भले ही राज्य कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन सरकार लोगों के सक्रिय सहयोग से स्थायी शांति बहाल करने की ईमानदार कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सुधार के अच्छे संकेत भी दिखने लगे हैं।

मुख्यमंत्री सोमवार को 'नशा मुक्त भारत अभियान' और 'मिशन स्पंदन' (नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ आध्यात्मिक साझेदारी) के तहत 10 करोड़ लोगों को नशा-मुक्त रहने की शपथ दिलाने वाले मेगा अभियान के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर आम नागरिक सिर्फ शांति और सामान्य हालात चाहता है।

यह कार्यक्रम इंफाल के फीइडिंगा में ब्रह्माकुमारीज, मणिपुर ने अपनी मेडिकल विंग (राजयोग शिक्षा और अनुसंधान फाउंडेशन) के सहयोग से आयोजित किया था।

खेमचंद सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित भारत 2047' का सपना देखा है, जिसका मकसद भारत को दुनिया के सबसे विकसित देशों में से एक बनाना है। उन्होंने कहा कि यह सपना तभी सच हो सकता है जब देश के युवा नशीली दवाओं की लत से दूर रहें।

मणिपुर के अलग-अलग इलाकों के अपने दौरों के निजी अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य के कई हिस्सों, जैसे उखरुल जिले के लिटन, का दौरा तब भी किया जब हालात बहुत मुश्किल थे। इससे पता चलता है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद उनकी सरकार लोगों के साथ करीबी संपर्क बनाए रखने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि कैसे जातीय हिंसा ने कुकी, मैतेई, हमार और पाइते जैसे अलग-अलग समुदायों के विस्थापित लोगों को प्रभावित किया और उन सभी की एक ही इच्छा रही, अपने घरों को लौटना और शांति से मिल-जुलकर रहना।

खेमचंद सिंह ने कहा कि जिरीबाम के एक दौरे के दौरान, अलग-अलग समुदायों के लोग एक साथ बैठे और खाना खाया, जिससे यह साबित हुआ कि लोग सचमुच मिल-जुलकर शांति से रहना चाहते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि हिंसा की घटनाओं ने सुलह की कोशिशों को बार-बार कमजोर किया है।

शांति प्रक्रिया में बाधा डालने वाली घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से सिर्फ उन्हीं लोगों को फायदा होता है जो झगड़े से लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे लोग किसी खास समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करते, बल्कि वे अपने निजी स्वार्थों से प्रेरित होते हैं और शांति बहाली का विरोध करते हैं।

सरकार के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति बहाल करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और न्याय सुनिश्चित करने तथा अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने हर नागरिक से अपील की कि वे 'विकसित भारत 2047' के विजन को हासिल करने के लिए जरूरी शांतिपूर्ण माहौल बनाने, आपसी भरोसा और सद्भाव बहाल करने में सरकार का सहयोग करें।

कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने आध्यात्मिक सेवा और समाज कल्याण में योगदान के लिए मणिपुर में ब्रह्माकुमारीज की इंचार्ज राजयोगिनी बीके नीलिमा को 'यूनिवर्सल पीस एंबेसडर अवॉर्ड' से सम्मानित किया। उन्होंने उद्घाटन समारोह के हिस्से के तौर पर कैंपेन वाउचर भी लॉन्च किया।

कार्यक्रम में नशा-मुक्त भारत का संकल्प भी लिया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने नशीले पदार्थों से दूर रहने और नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प दोहराया।

राज्य के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

--आईएएनएस

एमएस/