दुर्गा पूजा के बाद पश्चिम बंगाल में बस किराये में बदलाव की संभावना
कोलकाता, 15 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में यात्री बस मालिकों के संगठनों की किराया बढ़ाने की मांग को मंगलवार को राज्य के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष का समर्थन मिला। यह समर्थन ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट द्वारा दुर्गा पूजा के बाद किराया संशोधन की प्रक्रिया शुरू करने का संकेत दिए जाने के एक दिन बाद मिला है।
न्यू टाउन के इको पार्क में सुबह की सैर के दौरान मीडिया से बात करते हुए घोष ने कहा कि रेवेन्यू बढ़ाने और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किराया बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकारी संस्थानों को कमजोर करने का चलन रहा है। किसी भी सभ्य देश में ऐसा नहीं चल सकता। हम लोगों की आमदनी नहीं बढ़ाएंगे, किराया नहीं बढ़ाएंगे, तो ऐसा नहीं हो सकता कि हम लोगों को गरीब बनाए रखें और सोचें कि हम उन पर कोई एहसान कर रहे हैं। लोगों की आमदनी भी बढ़नी चाहिए ताकि उन्हें अच्छी सुविधाएं दी जा सकें।
घोष ने कहा कि यात्री बेहतर सुविधाओं के लिए ज्यादा किराया देने को तैयार हैं, उन्होंने एसी बसों और ट्रेनों की मांग की ओर इशारा किया।
उन्होंने कहा कि अच्छी बसें चलाई गई हैं। लोग किराया देकर यात्रा कर सकते हैं। एसी बसों की बुकिंग और सीट बुकिंग पहले ही हो जाती है। एसी ट्रेनों की बुकिंग भी पहले ही हो जाती है क्योंकि लोग बेहतर सुविधा के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने को तैयार हैं। उन्हें सुविधाएं देनी होंगी। सुविधाओं के साथ किराया भी बढ़ाना होगा। अगर किराया नहीं बढ़ाया गया, तो रेवेन्यू कहां से आएगा।
मंत्री का यह बयान ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट द्वारा दुर्गा पूजा के बाद प्राइवेट बसों और मिनी बसों का किराया बढ़ाने की पहल करने के एक दिन बाद आया।
राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर अर्जुन सिंह ने सोमवार को एक बैठक में प्राइवेट बस मालिकों की मांगें सुनने के बाद भरोसा दिलाया। बैठक में उनकी लंबे समय से चली आ रही आर्थिक समस्याओं, टोल शुल्क, पुलिस द्वारा कथित उत्पीड़न, गाड़ी जब्त करने और पुराने कमर्शियल वाहनों से जुड़ी कई मांगों पर भी चर्चा हुई।
बस मालिकों का तर्क है कि बढ़ती ऑपरेटिंग लागत के बीच यात्री सेवाओं को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाए रखने के लिए किराया बढ़ाना जरूरी है।
पश्चिम बंगाल में बसों और मिनी बसों के किराए में आखिरी बार बढ़ोतरी 2018 में हुई थी। तब से, ईंधन की कीमतों और अन्य ऑपरेटिंग खर्चों में बढ़ोतरी के बावजूद किराए में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
इसलिए, बस मालिकों ने किराया बढ़ाने की मांग की है ताकि बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के सेवाएं जारी रखी जा सकें। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पूजा के बाद कदम उठाए जाएंगे।
जॉइंट काउंसिल ऑफ बस सिंडिकेट्स के जनरल सेक्रेटरी तपन बनर्जी ने कहा कि एसोसिएशन ने मंत्री के सामने कई मांगें रखी हैं।
बनर्जी ने कहा कि हमने बस किराया बढ़ाने के मामले में मंत्री के सामने कई मांगें रखी हैं। जिस तरह से उन्होंने हमारी मांगें सुनीं, उससे हमें भरोसा है। उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि पूजा के बाद वे किराया बढ़ाने के मामले में कार्रवाई करेंगे। हमें मंत्री पर पूरा भरोसा है।
--आईएएनएस
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