दिल्ली: त्रिलोकपुरी ईआरओ ने मृत और स्थानांतरित मतदाताओं से जुड़े गलत दावों पर दी सफाई
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली की त्रिलोकपुरी विधानसभा सीट के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) कार्यालय ने शनिवार को सोशल मीडिया पर लगाए गए उन आरोपों पर स्पष्टीकरण जारी किया, जिनमें मतदाता सूची में अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और मृत (एएसडीडी) श्रेणी के मतदाताओं के बारे में कथित तौर पर गलत प्रविष्टियां किए जाने का दावा किया गया था।
ईआरओ ने कहा कि जन सरोकार मजदूर किसान शक्ति संगठन, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंट वुमेन और वोटर अधिकार मंच जैसे संगठनों द्वारा जन सुनवाई शिविर के दौरान सोशल मीडिया पर किए गए कई दावे जांच में गलत पाए गए।
ईआरओ ने उदाहरण देते हुए बताया कि एक वीडियो में विजेंद्र नामक मतदाता (ईपीआईसी नंबर केएनडी0902452) को मृत श्रेणी में दर्ज किए जाने को लेकर सवाल उठाया गया था।
अधिकारी के अनुसार, मतदाता सत्यापन अभियान के दौरान संबंधित बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) ने विजेंद्र के घर का दौरा किया था। उस समय विजेंद्र की पत्नी ने बीएलओ को बताया था कि उनके पति की मृत्यु हो चुकी है। इसी जानकारी के आधार पर विजेंद्र का नाम एएसडीडी सूची में "मृत" श्रेणी में शामिल किया गया था।
ईआरओ ने कहा कि बाद में जानकारी मिली कि विजेंद्र जीवित हैं। इसके बाद बीएलओ ने दोबारा उनके घर जाकर मतदाता सूची में नाम पुनः शामिल करने के लिए फॉर्म-6 भरवाया। यह प्रक्रिया डिजिटल रूप से भी दर्ज की गई है।
अधिकारी ने कुछ स्वैच्छिक संगठनों द्वारा उठाए गए अधिकार क्षेत्र संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन "लापता मतदाताओं" के नाम बताए गए, उनमें से कुछ चिल्ला खादर क्षेत्र के हैं, जो त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसलिए उस मामले पर ईआरओ कार्यालय कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।
हालांकि, चिल्ला खादर की निवासी माया देवी और पितौली देवी से संबंधित शिकायतों को संबंधित पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र के अधिकारियों को भेज दिया गया है, क्योंकि यह क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में आता है।
ईआरओ ने यह भी बताया कि त्रिलोकपुरी विधानसभा की एएसडीडी सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के साथ साझा की गई थी। इस संबंध में बैठक की कार्यवाही भी तैयार कर सभी राजनीतिक दलों के बीएलए को उपलब्ध कराई गई थी।
अधिकारी के मुताबिक कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बूथ लेवल एजेंटों ने इस सूची का सत्यापन किया था और उस पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जताई थी।
ईआरओ ने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे, संबंधित क्षेत्र का दोबारा सर्वेक्षण कराया गया। इस अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए कुल 10 फॉर्म-6 प्राप्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों और किसी भी शिकायत का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए।
--आईएएनएस
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