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केपटाउन: दिल्ली के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता कॉमनवेल्थ कॉन्फ्रेंस में 'समावेशी लोकतंत्र' पर रखेंगे विचार

नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में होने वाली 69वीं कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस में संसदीय कामकाज के तरीकों पर चर्चा करेंगे और 'समावेश' (सबको साथ लेकर चलने) के बारे में अपने विचार रखेंगे। इस संबंध में एक अधिकारी ने मंगलवार को जानकारी दी।
 

नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में होने वाली 69वीं कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस में संसदीय कामकाज के तरीकों पर चर्चा करेंगे और 'समावेश' (सबको साथ लेकर चलने) के बारे में अपने विचार रखेंगे। इस संबंध में एक अधिकारी ने मंगलवार को जानकारी दी।

विजेंद्र गुप्ता ने केप टाउन में 69वीं कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस में सांसदों के लिए आयोजित उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा किया।

दिल्ली विधानसभा के स्पीकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर कहा, "दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में 69वीं कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह में शामिल हुआ। यह कॉन्फ्रेंस संसदीय कामकाज और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के बारे में विचारों और अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।"

नई दिल्ली में विजेंद्र गुप्ता के सचिवालय से जारी बयान में कहा गया है कि कार्यक्रम के तहत, दिल्ली विधानसभा के स्पीकर "सीमित क्षमता वाले संसदों में समावेशिता के उपाय लागू करने" पर केंद्रित संयुक्त नेटवर्क कार्यशाला के दौरान प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे।

अपने संबोधन में स्पीकर गुप्ता सीमित संसाधनों वाले माहौल में जेंडर सेंसिटिविटी (लैंगिक संवेदनशीलता) को बढ़ावा देने, दिव्यांगों को शामिल करने और आम तौर पर संसद तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर बात कर सकते हैं।

केप टाउन में 13 से 19 सितंबर तक 69वीं कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस (सीपीसी) की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका की संसद और कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) की दक्षिण अफ्रीका शाखा कर रही है।

एक बयान में कहा गया है कि 69वीं कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस के दौरान दक्षिण अफ्रीका में कई और कॉन्फ्रेंस और बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।

इनमें 10वां कॉमनवेल्थ महिला सांसद (सीडब्‍ल्‍यूपी) सम्मेलन; 2026 सीपीए आम सभा और आम बहस; सीपीए कार्यकारी समिति की बैठकें; सीपीसी कार्यशालाएं; 42वां सीपीए स्मॉल ब्रांचेस सम्मेलन; दिव्यांग कॉमनवेल्थ सांसदों (सीपीडब्‍ल्‍यूडी) नेटवर्क की बैठकें; 60वीं सोसाइटी ऑफ क्लर्क्स एट द टेबल (एसओसीएटीटी) बैठक; 2026 कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटेरियन ऑफ द ईयर पुरस्कारों का प्रस्तुतीकरण और चौथा सीपीए लिफाका व्याख्यान शामिल हैं।

सीपीए का वार्षिक सीपीसी, वैश्विक राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पूरे कॉमनवेल्थ से सांसदों को एक साथ लाता है। एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को 69वें कॉमनवेल्थ संसदीय सम्मेलन (सीपीसी) के उद्घाटन समारोह में सीपीए सदस्य संसदों के 900 से अधिक संसदीय प्रतिनिधि शामिल हुए।

सीपीए के सेक्रेटरी-जनरल स्टीफन ट्विग के मुताबिक, इस साल का कॉन्फ्रेंस, कॉन्फ्रेंस के इतिहास में सबसे ज्‍यादा लोगों की मौजूदगी वाले सीपीसीज में से एक है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब भू-राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल है और वैश्विक मामलों को नियंत्रित करने वाले नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय कायदों और कानूनों पर हमले हो रहे हैं।

ट्विग ने बताया कि इस साल की थीम संसदों से न केवल बहस करने, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा करने, कानून के शासन को बनाए रखने और सीमाओं के पार भरोसा फिर से कायम करने का आह्वान करती है।

उन्होंने सीपीए के पुराने यूके चैरिटेबल स्टेटस से बदलकर एक इंटर-पार्लियामेंट्री संगठन के तौर पर नए अंतरराष्ट्रीय कानूनी स्टेटस की ओर बढ़ने पर भी जोर दिया।

दक्षिण अफ्रीकी संसद की वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा गया है कि संस्थागत बदलाव की यह प्रक्रिया लोकतंत्र, सुशासन और मानवाधिकारों को बनाए रखने की सांसदों की खास जिम्मेदारी को और मजबूत करती है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी