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दिल्ली पुलिस ने 44 लाख रुपए की दिनदहाड़े डकैती का मामला सुलझाया, छह गिरफ्तार

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस) दिल्ली पुलिस ने 44 लाख रुपए की दिनदहाड़े हुई डकैती का मामला सुलझाते हुए मुख्य साजिशकर्ता सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल समेत सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने लूटी गई नकदी में से 26.41 लाख रुपए, अपराध में इस्तेमाल की गई पिस्तौल, एक कार और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
 

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस) दिल्ली पुलिस ने 44 लाख रुपए की दिनदहाड़े हुई डकैती का मामला सुलझाते हुए मुख्य साजिशकर्ता सत्यम विश्वकर्मा उर्फ ​​डेविल समेत सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने लूटी गई नकदी में से 26.41 लाख रुपए, अपराध में इस्तेमाल की गई पिस्तौल, एक कार और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, यह डकैती 27 अगस्त को एमएस पार्क पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई थी। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में एक अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह की संलिप्तता का पता चला, जिसमें एक आंतरिक मुखबिर ने अहम जानकारी दी थी।

एसएचओ राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में, एसीपी सीमापुरी मुकेश कुमार के मार्गदर्शन और शाहदरा डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीना के समग्र नेतृत्व में एक समर्पित टीम ने तकनीकी निगरानी और क्षेत्रीय अभियानों सहित व्यापक जांच की।

प्रारंभिक जांच के दौरान, पुलिस ने पांच आरोपियों प्रांजय तिवारी, सरब तिवारी उर्फ ​​प्रफुल्‍ल, गौरव तिवारी, अंबरीश तिवारी उर्फ ​​चंचल और रामजीत को गिरफ्तार किया। पुलिस ने लूटी गई 3.90 लाख रुपए की रकम बरामद की और अपराध में इस्तेमाल की गई एक कार और तीन मोबाइल जब्त किए।

हालांकि, मुख्य आरोपी सत्यम विश्वकर्मा फरार रहा। पुलिस टीम ने बाद में उत्तर प्रदेश में लगातार छापेमारी करके उसका पता लगाया और शेष चोरी की रकम बरामद की। विशिष्ट सूचना के आधार पर, पुलिस ने सुल्तानपुर जिले के एरुल गांव में सत्यम की 19 वर्षीय बहन के पास से 22.51 लाख रुपए बरामद किए। नकदी छिपाने में सहायता करने के आरोप में उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(3) के तहत जमानत पर रिहा किया गया।

उत्तर प्रदेश से प्रोडक्शन वारंट पर लाए जाने के बाद सत्यम को 16 अक्टूबर को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। चार दिन की पुलिस हिरासत के दौरान, वह जांचकर्ताओं को सुल्तानपुर में गोमती कुरवार पुल के पास हलियापुर-कुरवार रोड पर ले गया।

18 अक्टूबर को, पुलिस ने उसके बताए स्थान पर सड़क किनारे झाड़ियों से एक पिस्तौल और मैगजीन बरामद की। पुलिस के अनुसार, उसने लूट के बाद भागते समय हथियार फेंक दिया था। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस ने प्रांजय तिवारी को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में पहचाना, जिसने नकदी के बारे में जानकारी दी थी। सरब तिवारी ने उसे साजिशकर्ताओं से मिलवाया और गुरुग्राम में सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराए। अंबरीश तिवारी ने बैग छीनने में हिस्सा लिया, जबकि गौरव तिवारी ने रहने की व्यवस्था और निगरानी की। रामजीत ने गाड़ी चलाई और मुख्य आरोपी को गिरफ्तारी से बचने में मदद की।

पुलिस ने बताया कि सत्यम और सरब के खिलाफ उत्तर प्रदेश में पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। अंबरीश के खिलाफ बुलंदशहर जिले में भी एक आपराधिक मामला दर्ज है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम