दिल्ली पुलिस ने अंतर-राज्यीय क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी गिरोह का किया भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के साउथ डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन ने टेलीग्राम-आधारित टास्क और क्रिप्टो करेंसी इन्वेस्टमेंट धोखाधड़ी में शामिल एक अंतरराज्यीय साइबर-फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की।
पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब एक शिकायतकर्ता ने टेलीग्राम-आधारित टास्क और क्रिप्टोकरेंसी निवेश धोखाधड़ी में 7,86,300 रुपए की ठगी की रिपोर्ट की।
शिकायतकर्ता कथित तौर पर एक टेलीग्राम ग्रुप के जरिए धोखेबाजों के संपर्क में आया, जहां उसे अच्छे रिटर्न का वादा करके ऑनलाइन टास्क और क्रिप्टोकरेंसी में पैसे निवेश करने के लिए उकसाया गया।
पुलिस ने बताया कि उनकी बातों पर भरोसा करते हुए, शिकायतकर्ता ने आरोपियों के निर्देशानुसार 4,66,300 रुपए और 3,20,000 रुपए की दो किश्तों में कुल 7,86,300 रुपए ट्रांसफर किए।
हालांकि, आरोपियों ने न तो वादा किया गया रिटर्न दिया और न ही निवेश की गई रकम लौटाई, और बाद में शिकायतकर्ता को जवाब देना बंद कर दिया।
शिकायत के बाद साइबर साउथ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (4), 319 और 340 के तहत ई-एफआईआर नंबर 0149/2025 दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान, धोखाधड़ी से हासिल रकम के लेन-देन का पता लगाने के लिए तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण किया गया। पुलिस ने कई ऐसे 'म्यूल' बैंक खातों की पहचान की, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी से मिली रकम को इधर-उधर करने के लिए किया गया था। एक म्यूल खाते में 4.66 लाख रुपए का पता चला, जबकि दूसरे खाते में 5.22 लाख रुपए जमा हुए थे।
जांच के आधार पर, आरोपियों करण बिस्वास और मोहित सरकार उर्फ मोनू का पता लगाया गया और उन्हें ऊधम सिंह नगर से गिरफ्तार किया गया।
आगे की जांच में विनय मंडल की औपचारिक गिरफ्तारी हुई, जो पहले से ही हरियाणा के रोहतक में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अन्य साइबर धोखाधड़ी मामले में हिरासत में था। बाद में उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी पीड़ितों को पैसे ट्रांसफर करने के लिए लुभाने के मकसद से टेलीग्राम-आधारित टास्क और क्रिप्टोकरेंसी निवेश योजनाएं चलाते थे। आरोप है कि बिचौलियों के जरिए कमीशन पर 'म्यूल बैंक अकाउंट' का इंतजाम किया गया और इनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से हासिल पैसे को लेने, आगे भेजने और निकालने के लिए किया गया।
आरोप है कि पैसे का इस्तेमाल क्रिप्टो करेंसी ट्रांजैक्शन के लिए भी किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल, एक बैंक पासबुक और जरूरी डिजिटल व फाइनेंशियल सबूत बरामद किए।
--आईएएनएस
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