दिल्ली: न्यू सीमापुरी भवन हादसे की होगी मजिस्ट्रेट जांच, मंत्री आशीष सूद ने दिए आदेश
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के गृह एवं शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने न्यू सीमापुरी में इस महीने की शुरुआत में इमारत गिरने से हुई घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें चार लोगों की जान चली गई थी। इस संबंध में एक अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी दी।
अधिकारी ने एक बयान में कहा कि जांच का नेतृत्व जिला मजिस्ट्रेट (उत्तर-पूर्व) करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जांच में सरकारी एजेंसियों और अधिकारियों की लापरवाही की भी जांच की जाएगी और दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मंत्री सूद ने कहा, "यह एक बेहद दुखद घटना है, जिसमें कई अनमोल जानें चली गईं। हमने इस हादसे के हर पहलू की जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। किसी भी दोषी या लापरवाह अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।"
उन्होंने कहा, "हमारी तत्काल प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करना है, और हमारा दीर्घकालिक लक्ष्य संरचनात्मक सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करना है ताकि दिल्ली में ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो।"
दिल्ली के न्यू सीमापुरी में 7 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे एक पांच मंजिला आवासीय इमारत (मकान संख्या ई-402, जो 20-25 वर्ग गज के छोटे से भूखंड पर बनी थी) ढह गई। आस-पास की तीन इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने उन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया और खाली करा लिया गया।
शुरुआती स्थानीय जांच से पता चलता है कि पास के एक अनधिकृत निर्माण स्थल पर भारी, कंपन पैदा करने वाली मशीनों से किए जा रहे विध्वंस कार्य के कारण यह इमारत गिरी। आसपास के आवासीय भवन भी छोटे भूखंडों पर उचित स्तंभों या बीमों के बिना कमजोर ढंग से निर्मित पाए गए हैं।
सूद ने कहा कि इमारत गिरने की मजिस्ट्रियल जांच को इसके सटीक तथ्यों, परिस्थितियों और मूल कारणों का पता लगाने का अधिकार है।
यह जांच मालिकों, किरायेदारों या निजी व्यक्तियों द्वारा कानूनों, भवन नियमों और सुरक्षा प्रावधानों के उल्लंघन की पहचान करेगी और सरकारी विभागों, नागरिक एजेंसियों और उनके अधिकारियों की ओर से हुई लापरवाही की जांच करके जवाबदेही तय करेगी।
मंत्री सूद ने कहा कि जांच में सभी दोषी व्यक्तियों, एजेंसियों या अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के कार्यान्वयन की जांच करते हुए भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए स्थायी निवारक उपायों का सुझाव दिया जाएगा।
--आईएएनएस
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