पीएम मोदी से मिले दिल्ली के एलजी टीएस संधू, राजधानी के विकास कार्यों की दी जानकारी
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राष्ट्रीय राजधानी से जुड़े विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।"
इससे पहले, दिल्ली को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए संधू के निर्देश पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 'मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047' (एमपीडी-2047) के तहत हितधारकों के साथ नौवीं और दसवीं परामर्श बैठके आयोजित की।
संधू राजधानी में पर्याप्त, किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर जोर देते रहे हैं।
डीडीए ने एक बयान में कहा कि मंगलवार को हुई इन परामर्श बैठकों का मुख्य उद्देश्य हितधारकों को एमपीडी-2047 के उन प्रमुख प्रावधानों के बारे में बताना था, जो शिक्षा केंद्र और चिकित्सा केंद्र के विकास से संबंधित हैं। साथ ही, राष्ट्रीय राजधानी में इनके नियोजित विकास पर चर्चा करना भी इसका मकसद था।
नौवीं परामर्श बैठक शिक्षा केंद्र के विकास पर केंद्रित थी। इस बैठक में दिल्ली सरकार (एनसीटी) के शिक्षा विभाग, स्कूलों, निजी विश्वविद्यालयों, अन्य विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
परामर्श के दौरान डीडीए ने हितधारकों को एमपीडी-2047 के उन प्रावधानों के बारे में जानकारी दी, जिनका उद्देश्य दिल्ली को ज्ञान और नवाचार के केंद्र के रूप में बढ़ावा देना है। इस योजना में नरेला में 138 हेक्टेयर के एक शिक्षा केंद्र के विकास की परिकल्पना की गई है। यह केंद्र विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा, जिससे ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था और कुशल रोजगार को बल मिलेगा।
यह योजना स्कूलों के लिए 'फ्लोर एरिया रेशियो' (एफएआर) को बढ़ाती है, ताकि वे 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' के अनुरूप अतिरिक्त गतिविधियों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर सकें। इसके अलावा 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम' के तहत, यह योजना दिव्यांग और विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए अलग से स्कूल और प्रशिक्षण सुविधाएं बनाने की अनुमति देती है, साथ ही आवासीय स्कूलों के विकास का भी प्रावधान करती है।
दसवीं परामर्श बैठक चिकित्सा केंद्र के विकास पर केंद्रित थी। बयान के अनुसार, इस बैठक में स्वास्थ्य सेवा संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ भारत सरकार और दिल्ली सरकार (एनसीटी) के स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
परामर्श के दौरान, डीडीए ने हितधारकों को एमपीडी-2047 के प्रावधानों के बारे में बताया। इसका उद्देश्य पूरे शहर में अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं और वेलनेस सेंटरों के एक एकीकृत नेटवर्क के जरिए दिल्ली के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को मजबूत करना है। साथ ही, यह विश्व स्तरीय टर्शियरी और सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के माध्यम से एक राष्ट्रीय हेल्थकेयर हब और मेडिकल टूरिज्म के केंद्र के रूप में दिल्ली की भूमिका को और मजबूत करता है।
--आईएएनएस
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