नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया-राहुल के खिलाफ ईडी की याचिका पर सुनवाई टली, 9 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई टाल दी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को तय की है।
जस्टिस मनोज जैन की एकल पीठ ने मामले को स्थगित करते हुए अगली तारीख निर्धारित की।
ईडी ने राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश के 16 दिसंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अदालत ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दायर ईडी की अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। ट्रायल कोर्ट ने शिकायत को कानून के तहत सुनवाई योग्य नहीं माना था।
इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस ओवरसीज प्रमुख सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को भी प्रस्तावित आरोपी बनाया गया है। ईडी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने यह मानकर कानून की गलत व्याख्या की कि निजी शिकायत से उत्पन्न अनुसूचित अपराध के आधार पर पीएमएलए के तहत अभियोजन शिकायत दायर नहीं की जा सकती।
इससे पहले ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी थी कि यदि ट्रायल कोर्ट की व्याख्या को बरकरार रखा गया तो पीएमएलए "निष्प्रभावी और बेमानी" हो जाएगा।
ईडी ने अदालत से कहा कि सक्षम अदालत द्वारा निजी शिकायत पर लिया गया संज्ञान पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर से भी अधिक मजबूत आधार रखता है। एजेंसी का तर्क है कि आपराधिक कानून की प्रक्रिया पुलिस जांच या मजिस्ट्रेट के समक्ष निजी शिकायत, दोनों माध्यमों से शुरू की जा सकती है। इसलिए विशेष अदालत केवल इसी आधार पर अभियोजन शिकायत खारिज नहीं कर सकती थी।
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि मामला विचारणीय है और ईडी की पुनरीक्षण याचिका पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी तथा अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया था।
नेशनल हेराल्ड मामला उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें कहा गया है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने यंग इंडियन कंपनी के माध्यम से मात्र 50 लाख रुपये में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों पर कथित तौर पर अवैध नियंत्रण हासिल करने की साजिश रची। यंग इंडियन में सोनिया गांधी और राहुल गांधी बहुमत शेयरधारक हैं।
इस विवाद की शुरुआत 2012 में हुई थी, जब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्रायल कोर्ट में निजी शिकायत दायर कर एजेएल के अधिग्रहण में धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए थे।
--आईएएनएस
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