निर्माण संबंधी गतिविधियों पर अंकुश और रोजगार के बीच संतुलन बनाने की कवायद जारी : सीएम रेखा गुप्ता
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को निर्माण उद्योग के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि सरकार वायु प्रदूषण संबंधी प्रतिबंधों और शहर में रोजगार सृजन और विकास की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करेगी।
सीएम रेखा गुप्ता ने उद्योग प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त किए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंधों से उनकी आजीविका प्रभावित न हो।
अपने कार्यालय में निर्माण उद्योग के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "निर्माण उद्योग बचाओ मोर्चा के सदस्यों और निर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के दौरान निर्माण गतिविधियों से संबंधित उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना।"
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगे कहा, "स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास दोनों ही दिल्ली के लिए आवश्यक हैं। सरकार और उद्योग जगत मिलकर ऐसे व्यावहारिक समाधानों पर काम करेंगे, जिनसे प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास प्रभावी हों और साथ ही रोजगार और विकास की गति भी बनी रहे।"
इस अवसर पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी उपस्थित थे।
इससे पहले, एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने नागरिक एजेंसियों और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को 500 वर्ग मीटर से कम भूखंड क्षेत्र वाले निर्माण और विध्वंस (सी एंड डी) स्थलों पर धूल कम करने के उपायों को लागू करने का अधिकार दिया था।
अधिकारी ने एक बयान में कहा कि सीएक्यूएम ने धूल नियंत्रण उपायों के उल्लंघन के खिलाफ प्रवर्तन को और मजबूत करने के लिए 4 अगस्त को अपने वैधानिक निर्देश संख्या 86 में संशोधन जारी किया।
इस संशोधन ने राष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों, नगर परिषदों, नगर बोर्डों और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को गंभीर उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ अभियोजन शुरू करने की शक्तियां प्रदान करके प्रवर्तन के दायरे को विस्तृत किया है।
बयान में आगे कहा गया, "यह देखते हुए कि एनसीआर के कई अन्य नगर निगमों और बड़े शहरों/कस्बों में भी 500 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर बड़ी संख्या में निर्माण परियोजनाएं चल रही हैं, जो निर्माण और विध्वंस क्षेत्र से जुड़े कुल पीएम10 और पीएम2.5 भार में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। आयोग ने पूरे क्षेत्र में धूल नियंत्रण उपायों के अधिक प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन ढांचे का विस्तार किया है।"
एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और उस पर अंकुश लगाने के लिए जीआरएपी कार्यक्रम को दिल्ली के औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) स्तरों के आधार पर चार प्रगतिशील चरणों में विभाजित किया गया है।
सीएक्यूएम समय-समय पर अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से इन चरणों को अपडेट करता है और उन्हें लागू करता है।
--आईएएनएस
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