Aapka Rajasthan

दिल्ली विधानसभा स्पीकर ने मानसून सत्र से पहले सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सदन की कार्यवाही को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
 

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सदन की कार्यवाही को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) देवेश श्रीवास्तव की मौजूदगी में हुई हाई-लेवल सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग में स्पीकर को बताया गया कि मानसून सेशन के दौरान मजबूत और कई लेयर वाली सुरक्षा देने के लिए सीआरपीएफ के जवानों समेत लगभग 130 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।

दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशनल तैयारी, इमरजेंसी में तुरंत कार्रवाई करने की क्षमता और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी का जायजा लेने के लिए असेंबली परिसर में एक मॉक ड्रिल भी की।

सीनियर पुलिस अधिकारियों के अलावा इस मीटिंग में सीआरपीएफ, दिल्ली फायर सर्विस, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड, डिटेक्टिव यूनिट, स्पेशल स्टाफ, लोकल पुलिस, एम्बुलेंस सर्विस के प्रतिनिधि और दिल्ली विधानसभा सचिवालय के अधिकारी शामिल हुए।

मीटिंग में यह भी तय किया गया कि सुरक्षा को मजबूत करने और परिसर में अनधिकृत लोगों की नजर पड़ने से रोकने के लिए दिल्ली विधानसभा कॉम्प्लेक्स के चारों ओर 'व्यू कटर' लगाए जाएंगे।

इसके अलावा, यह भी तय किया गया कि दिल्ली विधानसभा में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस रैंक का एक अधिकारी स्थायी रूप से तैनात रहेगा।

लगातार निगरानी रखने, सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर करने और सुरक्षा से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा कॉम्प्लेक्स के अंदर दिल्ली पुलिस के जवानों के लिए एक अलग ऑफिस भी बनाया जाएगा।

एक अधिकारी ने बताया कि मानसून सेशन से पहले विधानसभा में सुरक्षा इंतजाम काफी मजबूत किए गए हैं। सभी एंट्री गेट पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जा रहे हैं, एक्सेस कंट्रोल के तरीकों को अपग्रेड किया जा रहा है और जमीनी स्तर पर सुरक्षा का बेहतर सिस्टम लागू किया जा रहा है।

किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सीआरपीएफ की एक क्विक रिस्पॉन्स टीम पहले ही तैनात कर दी गई है। अधिकारी ने बताया कि बदले हुए एक्सेस प्रोटोकॉल के तहत विधानसभा परिसर में सिर्फ गेट नंबर 1 से ही एंट्री की इजाजत होगी। साथ ही, आवाजाही को कंट्रोल करने और बाहरी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बाकी गेट बंद रहेंगे।

इससे पहले विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने फैसला किया कि 7 से 11 अगस्त तक होने वाले आठवीं विधानसभा के छठे सेशन के दौरान पब्लिक सर्विस की समय-सीमा के भीतर डिलीवरी, दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड और बेड-एंड-ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट से जुड़े तीन बिल पेश किए जाएंगे।

सेशन के दौरान भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की दो रिपोर्ट और दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन से जुड़ा एक नोटिफिकेशन भी सदन में पेश किया जाएगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी