दिल्ली: स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने साप्ताहिक बाजारों में काम करने वाली महिलाओं की परेशानियों पर डाला प्रकाश
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को अनौपचारिक आजीविका में लगी महिलाओं, विशेष रूप से साप्ताहिक बाजारों और छोटे सड़क-आधारित व्यवसायों में काम करने वाली महिलाओं द्वारा सामना की जाने वाली सामाजिक और वित्तीय चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि अक्सर ऐसी महिलाओं की औपचारिक वित्तीय संस्थानों तक पहुंच नहीं होती है। परिणामस्वरूप, वे अक्सर अनौपचारिक ऋणदाताओं से छोटी रकम उधार लेने के लिए मजबूर हो जाती हैं, जो अत्यधिक ब्याज वसूलते हैं, जिससे गंभीर वित्तीय शोषण होता है और उनकी दैनिक आय का एक बड़ा हिस्सा ब्याज भुगतान में ही खर्च हो जाता है।
राजपुरा गुड़मंडी स्थित उपासना कुंज में सामाजिक समूह द्वारा आयोजित 'मदन दास देवी भवन' कार्यालय के उद्घाटन और 159वें सूक्ष्म ऋण वितरण समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन महिलाओं को सशक्त बनाने के व्यापक सामाजिक उद्देश्य के साथ आगे आया है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से परिवारों को मजबूती मिलेगी और यह सुनिश्चित होगा कि बच्चों को शिक्षा मिले, परिवार गरीबी से ऊपर उठ सकें और लोग गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।
स्पीकर ने इस पहल की यात्रा को याद करते हुए कहा कि सामाजिक समूह के शुरुआती चरणों से लेकर इसके विकास को देखना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से संतोष की बात थी।
उन्होंने उन लोगों की दूरदृष्टि और समर्पण को याद किया जिन्होंने इस पहल को इसके प्रारंभिक वर्षों में आकार दिया और मार्गदर्शन किया तथा उन व्यक्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी प्रेरणा और प्रतिबद्धता ने इसके निरंतर विस्तार की नींव रखी।
स्पीकर ने टिप्पणी की कि संगठन और उसके समर्थकों के निरंतर प्रयासों ने इसे सामाजिक सेवा और जमीनी स्तर पर सशक्तिकरण पर केंद्रित एक सार्थक समुदाय-संचालित पहल के रूप में विकसित होने में मदद की है।
इस अवसर पर 159वें सूक्ष्म ऋण वितरण समारोह के हिस्से के रूप में लाभार्थियों को सूक्ष्म ऋण वितरित किए गए, जो वित्तीय समावेशन और जमीनी स्तर के उद्यमिता के प्रति संगठन की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
उन्होंने इस तरह की पहलों को मजबूत करने में परोपकारी समर्थन और सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर जोर दिया और विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों और निरंतर जन समर्थन से संगठन का काम आने वाले वर्षों में और अधिक विस्तारित होगा, जिससे महिलाओं के सशक्तिकरण, आजीविका सृजन और सामाजिक उत्थान के लिए अधिक अवसर पैदा होंगे।
--आईएएनएस
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