दक्षिण ओडिशा में साइक्लोन अर्नब का कहर, बचाव अभियान तेज किए गए
भुवनेश्वर, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने भीषण चक्रवात 'अर्नब' के कारण हुई अत्यधिक भारी बारिश और उसके बाद आई भीषण बाढ़ के मद्देनजर गंजाम और गजपति जिलों में बचाव और राहत कार्यों को तेज कर दिया है।
भारी बारिश के कारण दक्षिण ओडिशा के कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे बाढ़ आ गई है और बड़े पैमाने पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ है। इससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, और कई घर, सड़कें और धान के बड़े खेत क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सड़कें और पुल बह जाने के कारण कई इलाके कट गए हैं, जिससे लोग फंस गए हैं; विशेष रूप से गंजाम और गजपति जिलों में स्थिति गंभीर है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दक्षिण ओडिशा में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। गंजाम जिले के पात्रापुर में सबसे अधिक 546 मिमी बारिश हुई। इसके बाद उसी जिले के सोराडा में 503 मिमी, कंधमाल के जी. उदयगिरि में 462 मिमी, गजपति के महेंद्रगढ़ में 458 मिमी, गंजाम के सनखेमुंडी में 388 मिमी और गंजाम के चिकिटी में 309 मिमी बारिश दर्ज की गई।
गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए, राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कुछ नदियां तो खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। निचले और संवेदनशील इलाकों में सबसे ज्यादा असर पड़ा है, जहां घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे लोगों को अपनी जान बचाने के लिए छतों पर शरण लेनी पड़ी है।
हालांकि, मंत्री पुजारी ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 4 बजे के बाद प्रभावित जिलों में बाढ़ की स्थिति में सुधार आना शुरू हो गया है।
अधिकारियों के अनुसार, गंजाम जिले के 22 ब्लॉकों के 299 गांव और गजपति जिले के 7 ब्लॉकों के 711 गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। गंजाम में लगभग 42,500 लोग और गजपति में 20,000 लोग प्रभावित हुए हैं। एनडीआरएफ,ओडीआरएएफ और फायर सर्विस के जवानों ने गंजाम से 11,882 लोगों और गजपति से 17,441 लोगों को सुरक्षित निकालकर बाढ़ और चक्रवात आश्रय स्थलों (शेल्टर) में पहुंचाया है। गंजाम में अभी भी 70 गांवों के 2,328 लोग फंसे हुए हैं।
चूंकि पानी का बहाव बहुत तेज है, इसलिए एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की टीमें कुछ प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। ऐसे में, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए भारतीय तटरक्षक बल (इंडियन कोस्ट गार्ड) के हेलीकॉप्टरों की मदद से एयरलिफ्ट किया जा रहा है। कलेक्टर को ऐसे इलाकों की पहचान करने और वहां से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने (इवैक्यूएशन) के लिए सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
गंजम में ओडीआरएएफ की 27 टीमें, एनडीआरएफ की 3 टीमें और फायर सर्विस की 24 टीमें तैनात की गई हैं, जबकि गजपति में ओडीआरएएफ की 12 टीमें, एनडीआरएफ की 1 टीम और फायर सर्विस की 12 टीमें तैनात हैं। इसके अलावा, गंजम में 550 और गजपति में 420 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
इस बीच, गंजम में बहुदा नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है। इछापुरम और झाडुपुडी स्टेशनों के बीच रेलवे ब्रिज नंबर 1052 पर जलस्तर असामान्य रूप से बढ़ गया है, जिससे आंध्र प्रदेश और ओडिशा के गंजम इलाके में कई ट्रेन सेवाएं बाधित हो गई हैं।
रेलवे अधिकारी स्थिति से निपटने के लिए गंजम और श्रीकाकुलम प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्य सचिव ने गंजम कलेक्टर को निर्देश दिया है कि वे फंसे हुए यात्रियों की मदद करें और उन्हें लगातार जानकारी देते रहें।
--आईएएनएस
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