कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से तमिलनाडु भर में बायोडिग्रेडेबल बैग की लागत पर पड़ रहा असर
चेन्नई, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर व्यापारियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। कीमतों में उछाल के चलते बायोडिग्रेडेबल बैग की कीमतों में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है। व्यापारियों और निर्माताओं का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती इनपुट लागत इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में बढ़े तनाव ने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे पेट्रोलियम से जुड़े इनपुट पर निर्भर उद्योगों पर अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ा है, जिसमें बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग क्षेत्र भी शामिल है।
हालांकि बायोडिग्रेडेबल बैग को कॉर्नस्टार्च, पीएलए (पॉलीलैक्टिक एसिड) और पीबीएटी जैसी पादप-आधारित सामग्रियों से बने पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों के रूप में विपणन किया जाता है, फिर भी इनके निर्माण के दौरान कच्चे तेल के कुछ घटकों की आवश्यकता होती है, जिससे ये वैश्विक तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं।
उथुकोट्टई स्थित एक निर्माता ने कहा, "बायोडिग्रेडेबल बैग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का लगभग 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल से बने उत्पादों से जुड़ा है। हाल के हफ्तों में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि के कारण उत्पादन लागत में काफी वृद्धि हुई है।"
उद्योग के अनुमानों के अनुसार, एक किलोग्राम बायोडिग्रेडेबल बैग के निर्माण की लागत लगभग 127 रुपए से बढ़कर 170 रुपए हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, बाजार मूल्य में भी भारी वृद्धि हुई है, जो लगभग 150 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर लगभग 250 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है, जिससे आपूर्तिकर्ताओं और अंतिम उपयोगकर्ताओं दोनों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ रहा है।
मूल्य वृद्धि का असर खुदरा स्तर पर पहले ही दिखने लगा है। छोटे व्यापारी एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बाद धीरे-धीरे जैव-अपघटनीय विकल्पों की ओर रुख कर रहे थे। ऐसे व्यापारी अब खर्चों को नियंत्रित करने के लिए इनका उपयोग कम करने को मजबूर हैं।
चेन्नई के पैरिस कॉर्नर स्थित एक दुकान के मालिक ने कहा, "अब हम ग्राहकों को 100 रुपए या उससे अधिक की खरीदारी करने पर ही जैव-अपघटनीय बैग देते हैं। छोटी खरीदारी के लिए हम कागज के कवर का इस्तेमाल कर रहे हैं।" यह छोटे खुदरा विक्रेताओं के बीच बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
हालांकि हाल के वर्षों में बायोडिग्रेडेबल बैग प्लास्टिक के एक टिकाऊ विकल्प के रूप में उभरे हैं, लेकिन वर्तमान में लागत में हो रही वृद्धि उनके व्यापक उपयोग को खतरे में डाल रही है, खासकर छोटे पैमाने के विक्रेताओं के बीच।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे माल की लागत स्थिर नहीं हो जाती या नीतिगत समर्थन नहीं दिया जाता, तब तक पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग की ओर बदलाव को झटका लग सकता है।
--आईएएनएस
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