असम के सीएम ने पवन खेड़ा के आरोपों को किया खारिज, दस्तावेजों में गड़बड़ी को किया उजागर
गुवाहाटी, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के खिलाफ जो दस्तावेज जारी किए गए हैं, वे फर्जी हैं और दुर्भावनापूर्ण प्रचार अभियान का हिस्सा हैं।
हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सार्वजनिक रूप से साझा किए जा रहे दस्तावेजों में विसंगतियां स्पष्ट हैं। इनमें डिजिटल छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में उपनाम सरमा (अंग्रेजी में) लिखा गया है, जबकि आधिकारिक तौर पर “शर्मा” होता है, जिससे उनकी प्रामाणिकता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस्तेमाल की गई तस्वीर किसी बायोमेट्रिक कैप्चर की बजाय सार्वजनिक रूप से उपलब्ध फोटो लगती है।
मुख्यमंत्री ने यूएई से जुड़े कथित पहचान विवरण में भी गड़बड़ियों की ओर इशारा किया, जिसमें आईडी सीक्वेंस जन्म वर्ष के पैटर्न से मेल नहीं खाता। इसके अलावा राष्ट्रीयता में भी असंगति बताई गई, जहां दस्तावेज में मिस्र लिखा है, वहीं मशीन-रीडेबल जोन में देश कोड अलग दिखाई देता है।
एंटीगुआ और बारबुडा के पासपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उसकी एक्सपायरी डेट औरमशीन-रीडेबल जोन में अंतर है। इसी तरह मिस्र के पासपोर्ट में भी स्पेलिंग मिस्टेक और अन्य तकनीकी गड़बड़ियां हैं।
उन्होंने एक टाइटल डीड पर भी सवाल उठाया और कहा कि उसका क्यूआर कोड किसी असली रिकॉर्ड से लिंक नहीं करता। सरमा ने कहा कि ये सभी विसंगतियां दस्तावेजों के फर्जी या डिजिटल रूप से छेड़छाड़ किए जाने की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने कहा कि सच सामने आएगा। उन्होंने गलत जानकारी फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने पवन खेड़ा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका “झूठ का अभियान” खत्म होने वाला है और उन्हें कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल यह विवाद तब शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने सरमा के परिवार पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरमा की पत्नी के पास यूएई, एंटीगुआ और मिस्र के पासपोर्ट हैं और दुबई में संपत्तियों सहित विदेशी संपत्तियों का खुलासा नहीं किया गया।
खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका के वायोमिंग में पंजीकृत एक कंपनी सरमा से जुड़ी है और इसमें हजारों करोड़ डॉलर के लेन-देन शामिल हैं। उन्होंने इस मामले को संपत्तियों को छिपाने का मामला बताते हुए गृह मंत्रालय से एसआईटी जांच की मांग की है।
--आईएएनएस
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