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जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का किया आह्वान

अहमदाबाद, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने नागरिकों से स्वच्छता को अपने रोजमर्रा के जीवन, व्यवहार और सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने लोगों से संकल्प लेने को कहा कि वे न खुद गंदगी फैलाएंगे और न ही दूसरों को ऐसा करने देंगे।
 

अहमदाबाद, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने नागरिकों से स्वच्छता को अपने रोजमर्रा के जीवन, व्यवहार और सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने लोगों से संकल्प लेने को कहा कि वे न खुद गंदगी फैलाएंगे और न ही दूसरों को ऐसा करने देंगे।

शुक्रवार को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर गुजरात के नवसारी जिले के चिखली ब्लॉक स्थित मजीगाम गांव में आयोजित विशेष ग्राम सभा में पाटिल ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया।

पाटिल ने कहा कि स्वच्छता को केवल एक दिन का अभियान न मानकर इसे सभी की सामूहिक प्रतिबद्धता बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने स्वच्छता को लेकर महात्मा गांधी के विचारों का जिक्र किया। पाटिल ने कहा कि महात्मा गांधी ने 'स्वतंत्रता' के साथ 'स्वच्छता' को भी महत्व दिया था। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद स्वच्छता के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं।

उन्होंने कहा, "स्वच्छ भारत मिशन के रूप में देशव्यापी जन आंदोलन ने ग्रामीण स्वच्छता की स्थिति में बदलाव किया है। स्वच्छ भारत के लिए जनभागीदारी जमीनी स्तर पर इस मिशन को लगातार आगे बढ़ा रही है।"

विशेष ग्राम सभा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। बैठक में स्वच्छता ही सेवा 2026 की उपलब्धियों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 और स्वच्छ सेवा आंकलन पर चर्चा की गई।

स्वच्छ सेवा आंकलन ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन व्यवस्था है। इस संबंध में मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रेजेंटेशन भी दिया।

विशेष ग्राम सभा में गुजरात के मंत्री नरेश पटेल, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक ऐश्वर्या सिंह, जिला कलेक्टर, जिला विकास अधिकारी और राज्य एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

2 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया।

इन ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायतों और ग्रामीण समुदायों को स्थानीय स्तर पर स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के प्रयासों की समीक्षा करने का मौका मिला।

इस दौरान स्वच्छता ही सेवा 2026 के परिणामों पर चर्चा के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुसार चार स्तरों पर कचरे को अलग करने की स्थिति की समीक्षा की गई।

इसके अलावा बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वालों की पहचान और उनके रजिस्ट्रेशन तथा ओडीएफ प्लस (मॉडल) ग्राम पंचायतों में स्वच्छ सेवा आंकलन को लेकर भी चर्चा की गई।

विशेष ग्राम सभा के जरिए स्वच्छता व्यवस्था में मौजूद कमियों की पहचान करने और जरूरी कदमों को पंचायत विकास योजनाओं, खासकर ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) में शामिल करने का अवसर भी मिला।

इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर अलग-अलग स्वच्छता गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल के साथ योजनाओं को लागू करना है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी