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जयपुर में नीट री-एग्जाम में मोबाइल लेकर पहुंची छात्रा को जेल भेजा गया, लखीसराय में भी पकड़े गए 30 लोग

जयपुर, 22 जून (आईएएनएस)। नीट री-एग्जाम के दौरान मोबाइल से नकल करने के आरोप में पकड़ी गई एक छात्रा को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने अदालत से उसकी कस्टडी रिमांड नहीं मांगी।
 
जयपुर में नीट री-एग्जाम में मोबाइल लेकर पहुंची छात्रा को जेल भेजा गया, लखीसराय में भी पकड़े गए 30 लोग

जयपुर, 22 जून (आईएएनएस)। नीट री-एग्जाम के दौरान मोबाइल से नकल करने के आरोप में पकड़ी गई एक छात्रा को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने अदालत से उसकी कस्टडी रिमांड नहीं मांगी।

आरोपी छात्रा हिमांशी तिवारी सोमवार को कोर्ट में पेश की गई। सुनवाई के बाद वह कोर्ट परिसर से निकलते समय अपना चेहरा छिपाती नजर आई।

पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि फोन का इस्तेमाल एआई टूल्स से उत्तर खोजने के लिए किया गया था या फिर परीक्षा केंद्र से बाहर किसी को प्रश्न पत्र भेजने की कोशिश भी हुई थी।

रविवार को यह घटना उस समय हुई, जब बिंदायका स्थित परीक्षा केंद्र पर नीट री-एग्जाम चल रहा था। छात्रा को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया।

एक शिक्षक को उसकी गतिविधि संदिग्ध लगी, जिसके बाद जांच की गई और उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ। जानकारी के अनुसार, छात्रा ने मोबाइल को अपनी शर्ट के बटन और अंडरगारमेंट्स में छिपा रखा था।

पुलिस पूछताछ में छात्रा ने स्वीकार किया कि वह परीक्षा में एआई टूल्स से उत्तर खोजने के लिए मोबाइल अंदर ले गई थी।अधिकारियों ने मोबाइल जब्त कर पुलिस को सौंप दिया।

जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा खत्म होने से करीब 15 मिनट पहले मोबाइल में नीट प्रश्न पत्र की तस्वीरें ली गई थीं। हालांकि परीक्षा केंद्र के बाहर लगे सिग्नल जैमर के कारण वह इन तस्वीरों को बाहर भेज नहीं सकी।

जांच में यह भी पता चला कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय मेटल डिटेक्टर दो बार बजा था। सुरक्षा कर्मचारियों के पूछने पर उसने इसे अपने अंडरगारमेंट्स के मेटल हुक्स की वजह बताया था, जिसके बाद उसे अंदर जाने दिया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने परीक्षा केंद्र के सुपरिंटेंडेंट और स्टाफ से भी देर रात तक पूछताछ की। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मोबाइल परीक्षा केंद्र के अंदर कैसे पहुंचा और सुरक्षा जांच में यह कैसे छूट गया।

अगर जांच में नकल की पुष्टि होती है तो सार्वजनिक परीक्षा कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है, जिसमें 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपए तक जुर्माना का प्रावधान है।

इस घटना की रिपोर्ट नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भेज दी गई है।

इसके साथ ही बिहार के लखीसराय पुलिस ने भी नीट परीक्षा के दौरान कदाचार में लिप्त 30 लोगों को पकड़ा है। लखीसराय पुलिस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर कर जानकारी दी कि रविवार को लखीसराय जिलान्तर्गत 4 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान कदाचार में संलिप्त पाए गए 9 फर्जी परीक्षार्थी, 1 मूल परीक्षार्थी, 2 सहयोगी तथा 18 बायोमेट्रिक कर्मी सहित कुल 30 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी