बिहार में सत्ता परिवर्तन का काउंट डाउन शुरू: नए सीएम के नाम पर जल्द खत्म होगा सस्पेंस
पटना, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार की राजनीति इस समय एक अहम मोड़ पर है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज होती जा रही हैं। 14 और 15 अप्रैल को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पूरी संभावना है कि इसी दौरान बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, एनडीए ने अपने सभी 202 विधायकों को 14 और 15 अप्रैल को पटना में ही रहने का निर्देश दिया है। इस दौरान किसी भी विधायक को शहर छोड़कर जाने की इजाजत नहीं होगी।
भाजपा नेतृत्व ने शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जो 14 अप्रैल को पटना पहुंचेंगे और इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
एनडीए विधायी दल की एक अहम बैठक 14 अप्रैल को होनी है।
इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगने की संभावना है। इसके बाद नीतीश कुमार अपना इस्तीफा दे सकते हैं।
अगले दिन यानी 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां चल रही हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद वे राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।
बिहार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि हम कैबिनेट की बैठक में शामिल होंगे और मुख्यमंत्री जो भी फैसला लेंगे, उसका पालन करेंगे।
इस बीच, जदयू के वरिष्ठ नेता संजय कुमार झा ने विश्वास जताते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और मुख्यमंत्री स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं।
पटना प्रशासन ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
जिलाधिकारी डॉ. थियागराजन ने राज्यपाल को सुरक्षा, वीवीआईपी आवाजाही और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी है।
इस कार्यक्रम में देश भर से कई प्रमुख नेताओं और गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है, और इसके लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।
मेडिकल टीमें और एम्बुलेंस अलर्ट पर हैं। फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात कर दिया गया है।
जहां एक ओर प्रशासन तैयारियों में जुटा है, वहीं मुख्यमंत्री आवास पर बैठकों का दौर जारी है। इन बैठकों में मंत्रियों के नामों, मेहमानों की सूची और कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा हो रही है।
कुल मिलाकर, बिहार में सत्ता परिवर्तन अब बस कुछ ही कदम दूर है।
--आईएएनएस
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