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आंध्र प्रदेश में आरएसएस और 32 सहयोगी संगठनों की तीन दिवसीय समन्वय बैठक शुरू, जनसांख्यिकीय बदलाव और नशे पर मंथन

विशाखापत्तनम, 19 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उससे जुड़े 32 संगठनों की अखिल भारतीय समन्वय बैठक बुधवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के पास गुडिलोवा में शुरू हुई। तीन दिवसीय बैठक का उद्घाटन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने ‘भारत माता’ के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
 

विशाखापत्तनम, 19 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उससे जुड़े 32 संगठनों की अखिल भारतीय समन्वय बैठक बुधवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के पास गुडिलोवा में शुरू हुई। तीन दिवसीय बैठक का उद्घाटन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने ‘भारत माता’ के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर किया।

विग्नान विहार स्कूल परिसर में आयोजित इस बैठक में आरएसएस के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ 32 सहयोगी संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महासचिव और चुनिंदा कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में कुल 327 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जबकि विभिन्न संगठनों के 253 प्रमुख पदाधिकारी भी इसमें भाग ले रहे हैं। इनमें 49 महिलाएं शामिल हैं।

आरएसएस के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न संगठनों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बीते एक वर्ष के अनुभव, उपलब्धियों, चुनौतियों और गतिविधियों की जानकारी साझा करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। बैठक में सामाजिक जीवन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे बदलावों और उनके प्रभावों पर भी चर्चा की जाएगी।

समन्वय बैठक में भारतीय मजदूर संघ, विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय किसान संघ, राष्ट्र सेविका समिति समेत संघ से प्रेरित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इससे पहले बताया था कि बैठक में संगठनों के बीच आपसी समन्वय को और मजबूत करने तथा समाज के व्यापक कल्याण के लिए सामूहिक रूप से पहल आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।

उन्होंने कहा कि संघ से जुड़े संगठन अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जनकल्याण, सामाजिक जागरूकता, व्यवस्था में सुधार और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रहे हैं। संबंधित संगठन अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर समाधान के लिए समाज तथा सरकारों के साथ संवाद भी करते हैं।

बैठक में देश की मौजूदा स्थिति, सामाजिक बदलाव और समसामयिक मुद्दों पर भी व्यापक विचार-विमर्श होगा। इनमें देश में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव, उनसे जुड़ी चिंताएं और संभावित समाधान प्रमुख विषय होंगे।

इसके अलावा युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर भी विशेष चर्चा होगी। नशीले पदार्थों के बढ़ते इस्तेमाल के दुष्प्रभाव, नशामुक्ति के उपाय और युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न संगठनों द्वारा मिलकर किए जा सकने वाले प्रयासों पर मंथन किया जाएगा।

बैठक में सभी संगठन अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए विशेष कार्यों, उनके परिणामों और सामाजिक जीवन पर विभिन्न घटनाक्रमों के प्रभाव की जानकारी भी साझा करेंगे। साथ ही, भविष्य में समन्वित तरीके से समाज हित की पहलों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी।

--आईएएनएस

डीएससी