बंगाल: डायमंड हार्बर के पास हुगली नदी के किनारे से टकराया कंटेनर जहाज
कोलकाता, 12 अगस्त (आईएएनएस)। बुधवार को पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर में हुगली नदी में तेज बहाव और स्टीयरिंग गियर में संभावित खराबी के कारण एक कंटेनर जहाज नदी के किनारे से टकरा गया। किसी को चोट नहीं आई, लेकिन स्थानीय लोग घबरा गए क्योंकि टक्कर वाली जगह एक फेरी घाट के पास थी। इस दुर्घटना से नदी का किनारा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
सिंगापुर के झंडे वाला एमवी नवाता भूम जहाज मलेशिया के पोर्ट क्लैंग से कोलकाता बंदरगाह की ओर कंटेनर लेकर जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि 147.82 मीटर लंबा और 13,852 टन डेडवेट टनेज वाला यह जहाज कोलकाता से लगभग 50 किमी दक्षिण में डायमंड हार्बर के पास नदी के मोड़ पर मुड़ने के बाद संभल नहीं पाया और किनारे से टकरा गया।
एक अधिकारी ने कहा कि यह नूरपुर फेरी घाट के पास नदी के किनारे से टकराया। स्टीयरिंग जाम होने का पता चलने पर, जहाज के मास्टर ने लगातार हॉर्न बजाकर किनारे पर मौजूद लोगों को सचेत किया। अच्छी बात यह रही कि आस-पास कोई फेरी नहीं थी, वरना वे कुचली जा सकती थीं।
हुगली नदी अपने तीखे मोड़ों और रेत के टीलों के लिए जानी जाती है। समुद्र से आने वाले जहाजों को फंसने से बचने के लिए नेविगेशन चैनल का सावधानी से पालन करना पड़ता है। अधिकारी ने आगे कहा कि स्टीयरिंग गियर कभी-कभी अटक जाता है, खासकर तब जब जहाज किसी मोड़ से मुड़ने के बाद सीधा होने की कोशिश कर रहा हो। ऐसा आमतौर पर सिंगल-स्क्रू वाले जहाजों में होता है। इस मामले में, तेज बहाव की भी भूमिका हो सकती है।
टक्कर के तुरंत बाद जहाज पर मौजूद पायलट ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट अथॉरिटी (एसएमपीए) से संपर्क किया। एसएमपीए के पायलट नदी में चलने वाले सभी जहाजों पर सवार होकर उन्हें नेविगेशन चैनल से सुरक्षित रूप से गुजरने में मदद करते हैं।
सूत्रों ने बताया कि उस जगह पर टग (छोटी शक्तिशाली नाव) भेजे गए हैं और कंटेनर जहाज को बाहर निकालने के लिए अगली ज्वार का इंतजार किया जाएगा। जहाज का मुख्य ढांचा सुरक्षित है और टग की मदद से यह सुरक्षित रूप से कोलकाता तक जा सकता है।
पूर्वी मिदनापुर जिले में जियोनखाली के पास पहले भी ऐसी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
--आईएएनएस
एमएस/
