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मेघालय के मुख्यमंत्री ने कृषि योजनाओं का शुभारंभ किया, आय और स्थिरता पर जोर दिया

शिलांग, 20 अप्रैल (आईएएनएस) मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोमवार को तुरा में किसानों के लिए एक बहु-योजना कृषि सहायता पैकेज की शुरुआत की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के 70 प्रतिशत से अधिक परिवार कृषि पर निर्भर हैं और इस क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप का सीधा प्रभाव आजीविका पर पड़ता है।
 
मेघालय के मुख्यमंत्री ने कृषि योजनाओं का शुभारंभ किया, आय और स्थिरता पर जोर दिया

शिलांग, 20 अप्रैल (आईएएनएस) मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोमवार को तुरा में किसानों के लिए एक बहु-योजना कृषि सहायता पैकेज की शुरुआत की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के 70 प्रतिशत से अधिक परिवार कृषि पर निर्भर हैं और इस क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप का सीधा प्रभाव आजीविका पर पड़ता है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और बागवानी निदेशालय द्वारा एसएमईएलसी में आयोजित एक इनपुट वितरण कार्यक्रम के दौरान इस पहल का अनावरण किया गया। इसका उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाने, स्थिरता को बढ़ावा देने और किसानों की आय को मजबूत करने के लिए प्रमुख योजनाओं को एकीकृत करना है।

सभा को संबोधित करते हुए संगमा ने दोहराया कि सरकार कृषि उत्पादन और आय में सुधार के लिए लक्षित हस्तक्षेप, मूल्यवर्धन और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान केवल व्यक्तिगत किसानों को सहायता देने पर ही नहीं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और उनकी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर विस्तारित करने पर भी है।

मुख्य चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीजों की समय पर उपलब्धता एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है और सरकार इस मुद्दे को मिशन मोड में संबोधित कर रही है ताकि किसानों को सही समय पर सही संसाधन मिल सकें।

अदरक मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने 2022 से अब तक 62 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है, जिससे 19,000 से अधिक किसानों को लाभ हुआ है और 15,000 से अधिक किसानों तक इसका विस्तार करने की योजना है।

इस पहल का उद्देश्य मेघालय को अदरक उत्पादन में अग्रणी राज्य के रूप में उसकी स्थिति को पुनः स्थापित करना है।

उन्होंने जैविक खेती के महत्व पर भी जोर दिया और जैविक खाद योजना के तहत कम लागत वाली वर्मीकम्पोस्टिंग इकाइयों के लिए समर्थन की घोषणा की, ताकि किसान जैविक इनपुट में आत्मनिर्भर बन सकें और बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम कर सकें।

मूल्यवर्धन पर जोर देते हुए, संगमा ने खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के बढ़ते नेटवर्क की ओर इशारा किया और कहा कि प्रसंस्करण किसानों की आय बढ़ाने और बड़े बाजारों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने की कुंजी है।

उन्होंने आगे कहा कि री भोई में 20 करोड़ रुपए की लागत से बन रही अदरक प्रसंस्करण इकाई का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इससे लगभग 10,000 किसानों को लाभ होगा।

--आईएएनएस

एमएस/