'कांग्रेस की अराजकता टूलकिट': झारखंड के मंत्री की 'बांग्लादेश से भी बदतर' वाली धमकी पर भाजपा ने निशाना साधा
नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी द्वारा देश में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर दिए गए धमकी भरे और भड़काऊ बयानों की कड़ी आलोचना की। पार्टी ने कहा कि ऐसे जहरीले बयान राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की 'अराजक मानसिकता' को दर्शाते हैं।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने उनके इस दावे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि राहुल गांधी के एक आह्वान पर 40 लाख युवा सड़कों पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी की अराजक राजनीति का स्पष्ट प्रकटीकरण है।
भंडारी ने कहा, "राहुल गांधी की अराजकता फैलाने की साजिश इरफान अंसारी की टिप्पणियों से उजागर हो रही है, क्योंकि इरफान ने दावा किया था कि भारत में स्थिति बांग्लादेश जैसी हो सकती है। इससे स्पष्ट है कि राहुल का विरोध लोकतांत्रिक प्रतिरोध नहीं था; नेहा बोरा की टिप्पणी अलग से नहीं की गई थी।"
उन्होंने कहा, "यह साजिश लोकतंत्र के लिए कांग्रेस पार्टी का विरोध नहीं है, बल्कि अराजकता टूलकिट के माध्यम से परेशानी पैदा करने का एक नया प्रकरण है। लेकिन देश के लोग इस अराजकता को स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि वे जानते हैं कि यह मोदी सरकार है जो लोकतांत्रिक संस्थानों की रक्षा कर रही है।"
शिवसेना नेता आनंद दुबे ने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर तंज कसते हुए कहा, ''चाहे कोई भी अराजक तत्व अव्यवस्था फैलाने की कितनी भी साजिश कर ले, हमें अपनी कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। हम किसी को भी उनके इरादे पूरे नहीं करने देंगे। अगर कोई पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश या श्रीलंका की भाषा बोल रहा है तो इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
कांग्रेस नेता इरफान अंसारी की टिप्पणी पर राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया, क्योंकि उन्होंने दावा किया कि अगर पीएम मोदी कार्रवाई नहीं करते हैं तो 40 लाख से अधिक युवा कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और स्थिति बांग्लादेश और नेपाल से भी बदतर हो सकती है।
अंसारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें रोक रखा है और उनका एक इशारा उन्हें आजाद कर सकता है, जिससे भारतीय सेना सहित किसी के लिए भी उन्हें रोकना असंभव हो जाएगा।
उनकी भड़काऊ टिप्पणी ने बड़े विवाद को जन्म दिया है। कई भाजपा नेताओं ने इसे 'अराजकता फैलाने का खुला आह्वान' कहा है, उनमें से कई ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है और उन पर देश को हिंसा की ओर धकेलने का आरोप लगाया है।
भाजपा राज्यसभा सांसद बृजलाल ने कहा, "आपको देशवासियों का विश्वास जीतकर राजनीति करनी चाहिए, न कि धमकियां और हिंसा जारी करके।"
--आईएएनएस
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