Aapka Rajasthan

चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन सिर्फ सुर्खियां बटोरने की कोशिश : मदन राठौड़

जयपुर, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने गुरुवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह घटना 'चुनाव आयोग बनाम कांग्रेस पार्टी' का मामला लगता है।
 

जयपुर, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने गुरुवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह घटना 'चुनाव आयोग बनाम कांग्रेस पार्टी' का मामला लगता है।

राठौड़ ने कहा कि अगर कांग्रेस को चुनाव आयोग से कोई शिकायत थी, तो उसे तय प्रक्रिया का पालन करते हुए अपॉइंटमेंट लेना चाहिए था और एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग से मिलना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अच्छी तरह पता था कि ऐसे विरोध प्रदर्शनों का कोई नतीजा नहीं निकलेगा, फिर भी वे सिर्फ अखबारों की सुर्खियों और न्यूज चैनलों पर बने रहने के लिए ऐसा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के सामने शिकायत करने की एक तय प्रक्रिया है और पांच से सात लोगों का प्रतिनिधिमंडल आयोग के अधिकारियों से अपॉइंटमेंट लेकर अपनी बात रख सकता है। इसके बजाय 300-400 लोगों के साथ विरोध प्रदर्शन करना सिर्फ एक राजनीतिक हथकंडा है और मीडिया का ध्यान खींचने की कोशिश है।

मदन राठौड़ ने कहा कि ऐसे विरोध प्रदर्शनों से न तो ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी और न ही चुनावी प्रक्रिया पर कोई असर पड़ेगा। कांग्रेस बस खुद को एक सक्रिय विपक्षी पार्टी के तौर पर दिखाने की कोशिश कर रही थी।

राज्य भाजपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे विरोध प्रदर्शनों के ज़रिए कांग्रेस भ्रम पैदा करने और जनता को भड़काने की कोशिश कर रही थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखना चाहिए और तय प्रक्रियाओं के जरिए अपनी बात रखनी चाहिए।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए राठौड़ ने कहा कि मीडिया को एक महिला पुलिस अधिकारी के प्रति उनके व्यवहार की निंदा करनी चाहिए। एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के नेता का महिला पुलिस अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार करना गलत था।

राठौड़ ने खास तौर पर महिला अधिकारी की पीठ पर हाथ रखने की हरकत की आलोचना की और सवाल किया कि क्या राहुल गांधी को मर्यादा और शिष्टाचार का पालन नहीं करना चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा, "सार्वजनिक जीवन में नेताओं से गरिमा और शिष्टाचार के साथ व्यवहार करने की उम्मीद की जाती है। महिला पुलिस अधिकारी के प्रति ऐसा व्यवहार सही परवरिश और सीमाओं के प्रति सम्मान की कमी को दिखाता है।"

कांग्रेस नेताओं के एकता के दावों पर बात करते हुए राठौड़ ने कहा कि जिन्हें शक होता है, वही बार-बार यह कहने की जरूरत महसूस करते हैं कि हम सब एक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता सिर्फ फेटो खिंचवाने के लिए एक साथ आ रहे हैं और कहा कि जिन लोगों के बीच सच में कोई मतभेद या निजी दुश्मनी नहीं होती, उन्हें बार-बार अपनी एकता दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती।

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं के बयानों और गतिविधियों से पार्टी के अंदर की असल स्थिति साफ हो रही है।

कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और सचिन पायलट से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि रंधावा ने पायलट से बयान देने को कहा था और जब पायलट ने मना कर दिया, तो उन्हें जबरदस्ती लाने की बात हुई।

उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस नेता सचिन पायलट को बच्चा समझते हैं और कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए और उनकी आजादी का सम्मान किया जाना चाहिए।

राठौड़ ने यह भी आरोप लगाया कि भारत में अस्थिरता पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं और दावा किया कि ऐसी कोशिशों के पीछे विदेशी साजिश हो सकती है, जिसमें कुछ घरेलू नेता कथित तौर पर 'विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली' बनकर काम कर रहे हैं।

उन्होंने भारत के लोगों से अपील की कि वे देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिशों के प्रति सतर्क रहें।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी