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कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम को दिल्ली कोर्ट से राहत, 7 दिन का नोटिस दिए बगैर नहीं होगी गिरफ्तारी

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को दिल्ली की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वह 7 दिन पहले लिखित नोटिस दिए बिना सांसद के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न करे।
 

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को दिल्ली की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वह 7 दिन पहले लिखित नोटिस दिए बिना सांसद के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न करे।

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को यह आदेश अकोइजम की अग्रिम जमानत याचिका का निपटारा करते हुए दिया। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि कांग्रेस सांसद जांच में सहयोग कर रहे हैं और आश्वासन दिया कि गिरफ्तारी से पहले उन्हें सात दिन का नोटिस दिया जाएगा।

कोर्ट ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि अगर अकोइजम को हिरासत में लेने की जरूरत पड़ती है तो कम से कम सात दिन पहले उन्हें लिखित में नोटिस दिया जाए और वह नोटिस व्यक्तिगत रूप से सौंपा जाए।

कोर्ट ने अकोइजम को भी निर्देश दिया कि वह जांच में सहयोग करें और नोटिस समय पर पहुंच सके, इसके लिए अपने परिवार के दो सदस्यों के संपर्क नंबर जांच अधिकारी को दें।

कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर अकोइजम जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो पुलिस कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जांच पूरी करने और मामले में चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया।

यह घटनाक्रम दिल्ली हाईकोर्ट से अकोइजम को अंतरिम राहत मिलने के कुछ दिन बाद आया है। हाईकोर्ट ने जेएनयू के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

जस्टिस अनूप जे. भांभानी की एकल पीठ ने 2 नवंबर को यह अंतरिम आदेश अकोइजम की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था, जिसमें उन्होंने बर्खास्तगी को चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट ने जेएनयू को नोटिस भी जारी किया था और मामले को जनवरी में आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था। जेएनयू के 9 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, कुलपति संतीश्री डी. पंडित ने विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की जांच के बाद अकोइजम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया था।

अकोइजम के खिलाफ शिकायतें इस साल मई में 11 छात्राओं ने दी थीं। विश्वविद्यालय ने कहा था कि समिति के निष्कर्षों के आधार पर और लागू सेवा नियमों के तहत उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

अकोइजम इनर मणिपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद हैं। वह 15 अक्टूबर को जांच में शामिल होने के लिए समन पर दिल्ली पुलिस के वसंत कुंज नॉर्थ थाने में पेश हुए थे।

उन्होंने इस घटनाक्रम को राजनीतिक मामला बताते हुए कहा था कि वह जांच में सहयोग करने के लिए पेश हुए हैं और नहीं चाहते कि उनकी अनुपस्थिति को पुलिस के साथ सहयोग की कमी के रूप में समझा जाए।

इसके बाद कांग्रेस सांसद ने दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज मामले में अग्रिम जमानत के लिए राऊज एवेन्यू कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी