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कर्नाटक: कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर भाजपा ने सरकार पर साधा निशाना

बेंगलुरु, 12 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अंदरूनी सत्ता संघर्ष से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली के हालिया बयान ने सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को उजागर कर दिया है।
 

बेंगलुरु, 12 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अंदरूनी सत्ता संघर्ष से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली के हालिया बयान ने सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को उजागर कर दिया है।

आर. अशोक ने जारकीहोली के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें मंत्री ने कहा था कि वह यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में शिकायत करने वाला व्यक्ति उनकी अपनी पार्टी का है या कोई बाहरी व्यक्ति।

अशोक ने कहा कि जारकीहोली के बयान ने एक बार फिर कर्नाटक कांग्रेस के भीतर चल रहे आंतरिक संघर्ष को सामने ला दिया है।

उन्होंने एक बयान में कहा, "कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रहा सत्ता संघर्ष और कुर्सी की लड़ाई एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है।"

अशोक ने जारकीहोली के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें मंत्री ने कहा था कि उनके खिलाफ ईडी में शिकायत करने वालों की पहचान की जा रही है और उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता अब इस स्तर तक पहुंच गए हैं कि वे अपने ही सहयोगियों और मंत्रियों के खिलाफ जांच एजेंसियों में शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, ताकि उन्हें कमजोर किया जा सके।

उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए और दावा किया कि जनता के पैसे का दुरुपयोग कर विदेशों में निवेश किया जा रहा है। अशोक ने कहा कि सरकार जनता के मुद्दों को सुलझाने के बजाय आंतरिक राजनीति और सत्ता बचाने में व्यस्त है।

उन्होंने आरोप लगाया, "एक तरफ राज्य के करदाताओं के पैसे की लूट और उसे विदेशों में निवेश करने के आरोप हैं तो दूसरी तरफ अपने ही पार्टी सहयोगियों को किनारे लगाने और सत्ता पर कब्जा बनाए रखने की साजिशें चल रही हैं।"

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को संबोधित करते हुए अशोक ने कहा कि विकास के बड़े-बड़े वादे अब मंत्रियों के बीच संघर्ष और भ्रष्टाचार के आरोपों के नीचे दब गए हैं।

उन्होंने कहा, "मंत्रियों के बीच खींचतान, एक-दूसरे को नीचे गिराने की कोशिश और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।"

अशोक ने सवाल उठाया कि यदि सत्तारूढ़ दल के लोग ही अपने मंत्रियों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार की जानकारी जांच एजेंसियों को दे रहे हैं, तो सरकार की नैतिक स्थिति क्या रह जाती है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जनकल्याण की तुलना में सत्ता बनाए रखने और संसाधनों पर नियंत्रण की राजनीति में अधिक रुचि रखती है।

अशोक ने कहा कि कर्नाटक की जनता भ्रष्टाचार और आंतरिक सत्ता संघर्ष के लिए कांग्रेस सरकार को "उचित जवाब" देगी।

यह विवाद तब और बढ़ गया जब सतीश जारकीहोली ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री शिवकुमार को उस व्यक्ति के बारे में जानकारी दे दी है, जिसने कथित तौर पर उनके खिलाफ ईडी में शिकायत की थी। जारकीहोली ने यह भी कहा था कि शिकायतकर्ता कोई बाहरी व्यक्ति भी हो सकता है या कांग्रेस का ही कोई सदस्य भी हो सकता है और मुख्यमंत्री इस मामले को देखेंगे।

बता दें कि ईडी ने कथित वित्तीय अनियमितताओं, विदेशी निवेश और अन्य संभावित नियम उल्लंघनों की जांच के तहत जारकीहोली, उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी।

हालांकि, सतीश जारकीहोली ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यदि ईडी की ओर से उन्हें कोई नोटिस जारी किया जाता है तो वह एजेंसी को उचित जवाब देंगे।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी