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कांग्रेस ने पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बढ़ती नजदीकी के लिए केंद्र पर निशाना साधा

नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस ने रविवार को पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कभी अलग-थलग पड़े पाकिस्तान को मिल रही तवज्जो और सम्मान के लिए सरकार की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया।
 
कांग्रेस ने पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बढ़ती नजदीकी के लिए केंद्र पर निशाना साधा

नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस ने रविवार को पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कभी अलग-थलग पड़े पाकिस्तान को मिल रही तवज्जो और सम्मान के लिए सरकार की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि यह एक ऐसा देश है जिसके साथ राष्ट्रपति क्लिंटन, बुश, ओबामा और बाइडेन ने बहुत सख्ती से निपटा था। अब, नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद अलग-थलग पड़ने के बाद, पाकिस्तान को फिर से तवज्जो मिल गई है।

रमेश ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के साथ कोई कूटनीतिक लाभ हासिल करने में असमर्थ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का ‘दलाल’ बन जाना, ऑपरेशन सिंदूर में भारत की शानदार सैन्य सफलता के बाद मोदी सरकार की विदेश नीति, कूटनीतिक संपर्क और नैरेटिव मैनेजमेंट की भारी विफलता का प्रतिबिंब है।

कांग्रेस सांसद और पार्टी संचार प्रभारी महासचिव ने कहा कि निस्संदेह, राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान की वर्तमान प्रतिष्ठा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

पश्चिम एशिया में हाल ही में घटी घटनाओं और भारत पर उनके प्रभाव को लेकर कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री मोदी और सरकार की आलोचना करना यह पहली बार नहीं है।

वहीं, भाजपा लगातार कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करती रही है।

हाल ही में भाजपा नेता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने तरीके से देश के आत्मसम्मान को बनाए रखते हुए अपनी भूमिका निभा रहे हैं। वहीं कांग्रेस लगातार देश को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता में पाकिस्तान की कथित केंद्रीय भूमिका का जिक्र किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि अगर हमने इस या उस व्यक्ति से बात की होती तो हालात कुछ और होते। भारत अपनी शर्तों पर अपनी भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान को दलाल कहने के लिए मैं विदेश मंत्री एस. जयशंकर की सराहना करता हूं।

25 मार्च को हुई सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने कथित तौर पर कहा था कि “भारत दलाल देश नहीं हो सकता।”

--आईएएनएस

एमएस/