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'मुझे जानबूझकर फंसाया गया', अम्मा केस में आरोपी बनाए जाने पर रमेश पिशारोडी ने कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा

कोच्चि, 28 जुलाई (आईएएनएस)। मलयालम सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और कमीडियन रमेश पिशारोडी इन दिनों फिल्मों से ज्यादा एक कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में वह कांग्रेस के टिकट पर पलक्कड़ विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बने।
 

कोच्चि, 28 जुलाई (आईएएनएस)। मलयालम सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और कमीडियन रमेश पिशारोडी इन दिनों फिल्मों से ज्यादा एक कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में वह कांग्रेस के टिकट पर पलक्कड़ विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बने।

विधायक बनने के कुछ समय बाद ही उनका नाम एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (अम्मा) की एड-हॉक कमेटी से जुड़े एक मामले में आरोपी के रूप में सामने आया। अब रमेश पिशारोडी ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए दावा किया है कि उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है। उनका कहना है कि यह उनकी छवि और राजनीतिक पहचान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है।

रमेश पिशारोडी ने स्थानीय मुंसिफ कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया है। इसमें उन्होंने कहा कि उन्हें मामले में आरोपी बनाना पूरी तरह गलत है। उनके खिलाफ न तो कोई ठोस सबूत है और न ही कोई ऐसा तथ्य, जिससे उन्हें इस मामले में जिम्मेदार ठहराया जा सके। उन्होंने अदालत से मांग की है कि उनका नाम आरोपियों की लिस्ट से हटाया जाए, क्योंकि उनका पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है।

अपने हलफनामे में पिशारोडी ने बताया कि अम्मा के कामकाज को संभालने के लिए बनाई गई एड-हॉक कमेटी से उनका जुड़ाव बहुत कम समय के लिए और सीमित भूमिका में था। उन्होंने संगठन के मुश्किल दौर में सदस्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए कमेटी के चेयरमैन का पद स्वीकार किया था। हालांकि, अगले ही दिन उन्हें महसूस हुआ कि यह जिम्मेदारी उनके लिए उचित नहीं है, इसलिए उन्होंने तुरंत पद छोड़ दिया।

हलफनामे में पिशारोडी ने अभिनेत्री श्वेता मेनन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अम्मा प्रमुख पद से इस्तीफा देने के बावजूद श्वेता मेनन ने संगठन की कई महत्वपूर्ण फाइलें, मिनट्स बुक और दूसरे आधिकारिक दस्तावेज नई अंतरिम कमेटी को नहीं सौंपे। इन दस्तावेजों के नहीं मिलने से एड-हॉक कमेटी को काम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

पिशारोडी ने कहा कि इस पूरे मामले में उन्हें जानबूझकर आरोपी बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं। विधायक बनने के बाद उनकी बढ़ती राजनीतिक पहचान को नुकसान पहुंचाने और जनता के बीच उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से उनका नाम इस केस में जोड़ा गया।

उन्होंने अदालत से अपील की है कि तथ्यों और सबूतों के आधार पर फैसला लिया जाए, न कि किसी पूर्वाग्रह या बाहरी दबाव के आधार पर।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम