केरल चुनाव: कांग्रेस नेता ने 'भाजपा-सीपीआई (एम) समझौते' का आरोप दोहराया
कोच्चि (केरल), 29 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला ने रविवार को पार्टी के उस पुराने आरोप को दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सीपीआई (एम) राज्य में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक 'समझौते' में शामिल हैं।
चेन्नीथला ने आईएएनएस को बताया कि भाजपा और सीपीआई (एम) के बीच एक समझौता है। दरअसल, यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बीच हुआ है। हमने इसका खुलासा किया है और लोग इस मुद्दे पर व्यापक रूप से चर्चा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि केरल में विपक्ष के नेता (एलओपी) वीडी सतीशन ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर यह आरोप बार-बार उठाया है। इन सभी का दावा है कि केरल की लगभग 10 विधानसभा सीटों पर सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ और भाजपा के बीच एक गुप्त समझौता हुआ है।
रमेश चेन्नीथला ने भाजपा और सीपीआई (एम) पर राज्य में कांग्रेस की सत्ता में वापसी रोकने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पिछले 2021 के चुनाव में इस पर पूरी तरह से समझौता हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी 'कांग्रेस मुक्त भारत' चाहते थे, जबकि मुख्यमंत्री चाहते थे कि कांग्रेस सत्ता में वापस न आए। इसलिए इस चुनाव में ये दोनों विचार एक साथ आ रहे हैं। लोगों ने इसे समझ लिया है।
गौरतलब है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) केरल में आखिरी बार 2011 से 2016 तक सत्ता में था, जिसके बाद वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने 2016 के विधानसभा चुनाव जीते थे।
चेन्नीथला ने आगामी चुनावों में यूडीएफ की जीत का भी विश्वास जताया।
उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि यह (सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच कथित समझौता) सफल नहीं होगा और हम सत्ता में आएंगे। यूडीएफ अच्छे बहुमत के साथ सत्ता में वापस आएगी और हम सरकार बनाएंगे। हमें पूरा भरोसा है।
इससे पहले, कांग्रेस के आरोपों के जवाब में, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केरल के विपक्ष के सांसद सतीशन के आरएसएस से कथित संबंधों पर सवाल उठाए थे।
--आईएएनएस
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