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असम में यूसीसी बिल पास होने पर गृह मंत्री शाह बोले, समान कानून के लिए सरकार प्रतिबद्ध

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने पर राज्य की जनता को बधाई दी। यह कानून विवाह, तलाक, अलगाव, उत्तराधिकार, संपत्ति के बंटवारे और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी ढांचा तैयार करेगा।
 
असम में यूसीसी बिल पास होने पर गृह मंत्री शाह बोले, समान कानून के लिए सरकार प्रतिबद्ध

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने पर राज्य की जनता को बधाई दी। यह कानून विवाह, तलाक, अलगाव, उत्तराधिकार, संपत्ति के बंटवारे और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी ढांचा तैयार करेगा।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने बुधवार को विधानसभा में यूसीसी विधेयक-2026 पारित करा लिया। इसके साथ ही असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद यूसीसी लागू करने वाला देश का तीसरा और पूर्वोत्तर का पहला राज्य बन गया है। विपक्ष की ओर से विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग और हंगामे के बावजूद इसे सदन से मंजूरी मिल गई।

गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार और जनता को बधाई देते हुए कहा, “इस अवसर पर मैं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और इस विधेयक का समर्थन करने वाले सभी विधायकों को बधाई देता हूं।”

उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “असम की जनता को बधाई। समान नागरिक संहिता भाजपा की स्थापना के समय से ही उसका संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा शासित राज्य हर नागरिक के लिए समान कानून स्थापित कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देशभर में कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके साथ ही, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी असम के मुख्यमंत्री को बधाई दी। सीएम धामी ने कहा कि असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून का पारित होना विकसित, समरस और सशक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड से निकली यूसीसी की धारा अब पूरे देश में आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के समानता और न्याय आधारित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।

गौरतलब है कि 2026 के असम विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने यूसीसी को अपने प्रमुख चुनावी वादों में शामिल किया था। इसी महीने राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक में यूसीसी के मसौदे को मंजूरी दी गई थी।

यूसीसी कानून राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानूनी व्यवस्था लागू करेगा। इसके तहत विवाह, लिव-इन रिलेशनशिप, उत्तराधिकार और संपत्ति जैसे मामलों में सभी के साथ समान व्यवहार किया जाएगा। विधेयक में बहुविवाह और एक से अधिक शादी पर रोक लगाने का भी प्रावधान है, जबकि लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कानून को “ऐतिहासिक” कदम बताते हुए विधानसभा के सभी सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा, “आज असम विधानसभा ने समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 पारित किया है। मैं इस ऐतिहासिक कानून को अपनाने के लिए सदन के सभी सदस्यों का धन्यवाद करता हूं।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब इस विधेयक को पहले असम के राज्यपाल के पास भेजा जाएगा और उसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।

--आईएएनएस

डीएससी