सीएमआरएल डायरी विवाद : भाजपा के आरोप के बाद केरल के मंत्री ने चुनावी फंड और भ्रष्टाचार के पैसे में बताया फर्क
तिरुवनंतपुरम, 24 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने गुरुवार को कहा कि चुनाव के दौरान मिले पैसे और कथित तौर पर भ्रष्टाचार से जुड़े पैसे, दोनों अलग-अलग चीजें हैं। सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक एसएन शशिधरन कर्ता की कथित डायरी को लेकर विवाद बढ़ने के बीच उन्होंने यह बयान दिया।
मुरलीधरन ने कहा, ''चुनाव के दौरान पैसे लेना और भ्रष्टाचार का पैसा लेना दो अलग-अलग बातें हैं। चुनाव के समय कुछ पैसा मिला हो सकता है। कोई भी जांच होने दीजिए। इस डायरी की जांच भी होती है तो कोई समस्या नहीं है।''
उनकी यह टिप्पणी भाजपा नेता शोन जॉर्ज द्वारा एसएन शशिधरन कर्ता की कथित डायरी का एक पन्ना जारी किए जाने के तुरंत बाद आई। जॉर्ज ने दावा किया कि यह पन्ना सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मासिक भुगतान मामले में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय द्वारा अदालत में जमा किए गए दस्तावेज का हिस्सा है।
जॉर्ज ने सवाल उठाया है कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ विजिलेंस जांच क्यों नहीं कराई गई।
उन्होंने डायरी के पन्ने पर कई राजनीतिक नेताओं के नाम होने की ओर भी इशारा किया और कहा कि संभवतः यही विजिलेंस जांच न होने के कारणों में से एक है।
इस पन्ने पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के नाम हैं। इनमें मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन, के मुरलीधरन, सीके चंद्रप्पन, एलमारम करीम, एमवी गोविंदन, हिबी ईडन, पन्नियन रवींद्रन, एस शर्मा, पी राजीव, राज्य मंत्री शिबू बेबी जॉन और केबी गणेश कुमार शामिल हैं।
इन नामों के सामने आने से इस विवाद ने अब एक नया राजनीतिक रूप ले लिया है। अब ध्यान इस बात पर है कि कर्ता की डायरी में दर्ज इन नामों और एंट्री का असली उद्देश्य और स्वरूप क्या था।
मुरलीधरन ने कहा कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए और संकेत दिया कि डायरी की जांच पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'साथ ही, केरल ऐसी सरकार नहीं है जो ईडी की कही हर बात पर आंख बंद करके विश्वास कर ले। अगर ईडी आधिकारिक रूप से कुछ करने के लिए कहती है, तो उसे करना होगा।''
उनकी यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में प्रवर्तन निदेशालय के निष्कर्षों और सिफारिशों को लेकर राज्य सरकार पहले से ही राजनीतिक दबाव में है।
यह विवाद सीएमआरएल द्वारा विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं को किए गए कथित भुगतान से जुड़ा है। इनमें एक्सालॉजिक सोलूशन्स भी शामिल है, जो पिनराई विजयन की बेटी वीणा विजयन से जुड़ी कंपनी है।
जॉर्ज द्वारा जारी किए गए डायरी के पन्ने ने अब इस मामले को और व्यापक राजनीतिक रूप दे दिया है क्योंकि दस्तावेज में यूडीएफ और एलडीएफ दोनों के नेताओं के नाम सामने आए हैं।
अब जांच एजेंसियों के सामने तत्काल सवाल यह है कि क्या डायरी में दर्ज ये एंट्री वैध राजनीतिक या चुनावी चंदे से जुड़ी हैं, कारोबारी लेन-देन हैं या फिर ऐसे भुगतान हैं जिनकी आगे जांच किए जाने की जरूरत है।
मुरलीधरन की टिप्पणी से संकेत मिलता है कि वह डायरी की जांच के लिए तैयार हैं। साथ ही उनका कहना है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर भुगतान की वास्तविक प्रकृति का पता लगाया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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