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मध्य प्रदेश: सीएम 29 मार्च को इंदौर में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण की रखेंगे आधारशिला

इंदौर, 28 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 29 मार्च को इंदौर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वह इंदौर में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण की आधारशिला भी रखेंगे।
 
मध्य प्रदेश: सीएम 29 मार्च को इंदौर में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण की रखेंगे आधारशिला

इंदौर, 28 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 29 मार्च को इंदौर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वह इंदौर में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण की आधारशिला भी रखेंगे।

इस दौरान वह सिंहासा आईटी पार्क में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर और मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित 'लॉन्चपैडः इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर' के उ‌द्घाटन समारोह भी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री लॉन्चपैड सेंटर का दौरा करेंगे और वहां संचालित नवाचार और स्टार्टअप गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। उम्मीद है कि यह सेंटर मध्य प्रदेश को डीप-टेक इनोवेशन आधारित विकास और उद्यमिता के केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

इसके बाद सीएम यादव दशहरा मैदान में 'संकल्प से समाधान अभियान' कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और राज्य तथा केंद्र की विभिन्न प्रमुख योजनाओं के लाभार्थियों को संबोधित करेंगे।

यह कार्यक्रम 12 जनवरी से 31 मार्च, 2026 के बीच पूरे जिले में चार चरणों में चलाए गए एक अभियान के बाद आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान में सरकारी विभागों की 100 से ज्‍यादा सेवाओं को शामिल किया गया था।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री 1,356 करोड़ रुपए की लागत वाली नर्मदा जल आपूर्ति परियोजना के चौथे चरण की आधारशिला भी रखेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य शहर की जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करना है ताकि भविष्य की मांगों को पूरा किया जा सके, जिसमें 2040 तक बढ़ती आबादी की मांगें भी शामिल हैं।

अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 योजना के तहत यह परियोजना कई चरणों में पूरी की जाएगी और इसके लिए निर्धारित समय सीमा तय की गई है।

सीएम मोहन यादव सिरपुर क्षेत्र में 20 मिलियन लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी उद्घाटन करेंगे।

लगभग 62.72 करोड़ रुपए की लागत से बने इस प्लांट में 10 मुख्य सीवर आउटफॉल को बीच में ही रोककर बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज सीधे तालाब में गिरने से रोका जाएगा।

ट्रीट किए गए पानी का इस्तेमाल शहरभर में लगभग 25 बगीचों और ग्रीन जोन की सिंचाई के साथ-साथ अन्य कामों के लिए भी किया जाएगा।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी