मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद 9 अप्रैल से शुरू, सीएम मोहन यादव ने की किसान समूहों से बात
भोपाल, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद गुरुवार से शुरू होने वाली है। राज्य सरकार ने किसानों के लिए सुचारू प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय निगरानी और सहायता प्रणाली लागू की है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को किसान प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों के साथ वर्चुअल वार्ता के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की और पारदर्शिता एवं किसान सुविधा को प्रमुख प्राथमिकता बताया।
इंदौर, उज्जैन और भोपाल मंडलों में खरीद 9 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि रीवा, जबलपुर, सागर और शाहडोल मंडलों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू होगी।
मुख्यमंत्री यादव ने एक बयान में कहा, “आज मैंने किसानों और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से वर्चुअल माध्यम से गेहूं खरीद प्रक्रिया पर चर्चा की, जो कल (9 अप्रैल) से शुरू होने वाली है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हमारे किसान भाइयों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले।"
खरीद प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।
प्रक्रिया की निरंतर निगरानी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस संवाद के दौरान, मैंने स्वयंसेवी संगठनों से गेहूं खरीद प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की। सभी कलेक्टरों और उप-विभागीय मजिस्ट्रेटों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं कि खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए।”
उन्होंने यह भी बताया कि खरीद प्रक्रिया में शुरू में पंजीकृत छोटे और सीमांत किसानों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, और खरीद के लिए स्लॉट बुकिंग पहले से ही चल रही है।
उन्होंने पुष्टि की कि इस कार्य के लिए पर्याप्त बोरियों की व्यवस्था कर ली गई है।
कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों को भी अपने-अपने जिलों में गेहूं खरीद व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के लिए कहा गया है ताकि प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सके और राज्य के किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
गौरतलब है कि राज्य में गेहूं की खरीद 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी, जिसमें किसानों के लिए 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी शामिल है।
इस प्रक्रिया के लिए 3,627 खरीद केंद्रों पर 78,19,400 से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें 2,625 बोनस सुविधा वाले केंद्र भी शामिल हैं।
--आईएएनएस
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